Puskar/Rajasthan: परम पूज्य संत श्री दिव्य मोरारी बापू ने कहा कि श्रीकृष्ण के बिरह में तड़पती हुई गोपियों को ज्ञान प्रदान करने के लिए जब उद्धव ने ज्ञान की बातें-कुछ कही, तब सतत कृष्ण-स्मरण के कारण कृष्णमय बनी हुई गोपियां उद्धव के शुष्क ज्ञान पर बड़ी नाराज हुई। इसका कारण यह है कि उद्धव का ज्ञान दम्भयुक्त था, अतः शुष्क बन गया था। ज्ञान अच्छा है, पर ज्ञान का अभिमान खराब है।
ज्ञान का अभिमान बहुत से पाप करता है, क्योंकि गंदगी पर बैठने वाली मक्खी के समान दूसरों के दोष खने की उसकी आदत होती है। ऐसा सूखा ज्ञान हमें नहीं चाहिए। हमें तो भक्तिमय ज्ञान की आराधना से ही परमात्मा को पहचानना है। प्रभु का दास, कभी उदास नहीं होता।
आज दिनांक 29 अगस्त 2025 को बद्रीनाथ धाम में पूज्य श्री दिव्य मोरारी वापू संत श्री घनश्याम दास जी महाराज के पावन सानिध्य में समस्त दिव्यभक्त मंडल के द्वारा आजीवन तीर्थाटन भगवत कथामृतम् योजना के तत्वावधान में हो रहे श्रीमद्भागवत महामहोत्सव के पावन अवसर पर विशाल संत भंडारा सायंकाल 4:00 बजे से 6:00 तक होगा। जो भी भक्तजन इस विशाल संत भंडारा में शामिल होना चाहते हैं वे पूज्य महाराज श्री से सम्पर्क करके सहयोग-सेवा के साथ पुण्य लाभ प्राप्त करें।
सभी हरि भक्तों को पुष्कर आश्रम एवं गोवर्धनधाम आश्रम से साधु संतों की शुभ मंगल कामना, श्री दिव्य घनश्याम धाम, श्री गोवर्धन धाम कॉलोनी, बड़ी परिक्रमा मार्ग, दानघाटी, गोवर्धन, जिला-मथुरा, (उत्तर-प्रदेश) श्री दिव्य मोरारी बापू धाम सेवा ट्रस्ट, गनाहेड़ा, पुष्कर जिला-अजमेर (राजस्थान).