Delhi: ब्राजील के राष्ट्रपति लूला दा सिल्वा इस समय भारत दौरे पर हैं. आज उनका औपचारिक स्वागत राष्ट्रपति भवन में हुआ. राष्ट्रपति भवन में हुए स्वागत समारोह में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मौजूद रहे. दोनों लीडर्स के बीच दिल्ली के हैदराबाद हाउस में बैठक शुरू हो गई है. दोनों नेताओं के बीच द्विपक्षीय मुद्दों और सहयोग को लेकर अहम बैठक शुरू हो गई है. अब दुनिया की निगाहें इस बैठक पर हैं जहां भविष्य की टेक्नोलॉजी और ऊर्जा सुरक्षा से जुड़े बड़े फैसले लिए जा सकते हैं.
राजकीय दौरे पर ब्राजील के राष्ट्रपति लूला दा सिल्वा
लूला प्रधानमंत्री मोदी के न्योते पर भारत आए हैं. वे 18-22 फरवरी तक भारत के राजकीय दौरे पर हैं. भारत-ब्राजील संबंधों पर लुला ने कहा कि दोनों देशों के बीच व्यापार सिर्फ 15 अरब डॉलर है, जिसे 30-40 अरब तक बढ़ाना चाहिए. वे 260 ब्राजीलियाई व्यवसायियों के साथ आए हैं ताकि अंतरिक्ष, रक्षा, फार्मा जैसे क्षेत्रों में साझेदारी हो. एयरोस्पेस कंपनी एम्ब्रेयर भारत में प्लांट खोलेगी. दोनों देश ग्लोबल साउथ के सबसे बड़े लोकतंत्र हैं और उदाहरण पेश कर सकते हैं.
चीन की निर्भरता कम करने की तैयारी में भारत-ब्राजील
आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और ब्राजील के राष्ट्रपति लुइज इनासियो लूला डी सिल्वा के बीच होने वाली द्विपक्षीय मुलाकात में क्रिटिकल मिनरल्स और रेयर अर्थ्स पर एक महत्वपूर्ण समझौते पर हस्ताक्षर होने की संभावना है.
- खनन, प्रोसेसिंग और रिसाइक्लिंग: क्रिटिकल मिनरल्स (जैसे लिथियम, निकल, कोबाल्ट, ग्रेफाइट) और रेयर अर्थ एलिमेंट्स (REE) पर फोकस.
- सप्लाई चेन डाइवर्सिफिकेशन: चीन पर निर्भरता कम करना, खासकर EV बैटरी, रिन्यूएबल एनर्जी और हाई-टेक इंडस्ट्री के लिए.
- टेक्नोलॉजी ट्रांसफर: भारत की प्रोसेसिंग और रिफाइनिंग क्षमता ब्राजील के संसाधनों के साथ जोड़ी जाएगी.
- इन्वेस्टमेंट और जॉइंट वेंचर्स: भारतीय कंपनियां (जैसे KABIL – Khanij Bidesh India Ltd) ब्राजील में निवेश कर सकती हैं, जबकि ब्राजील भारतीय टेक्नोलॉजी और मार्केट एक्सेस चाहता है.
- ग्रीन ट्रांजिशन सपोर्ट: क्लीन एनर्जी, इलेक्ट्रिक व्हीकल्स और AI से जुड़े टेक्नोलॉजी के लिए जरूरी मिनरल्स की सुरक्षित आपूर्ति.
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