Uttarakhand: उत्तराखंड में 19 अप्रैल से शुरू होने जा रही चारधाम यात्रा को लेकर प्रशासन और पुलिस विभाग ने व्यापक तैयारियां शुरू कर दी हैं. इस वर्ष यात्रियों की संख्या में बढ़ोतरी की संभावना को देखते हुए सुरक्षा, यातायात प्रबंधन और भीड़ नियंत्रण के लिए विशेष इंतजाम किए जा रहे हैं. यात्रा को सुरक्षित और सुचारू बनाने के लिए चारों धामों के मार्गों और प्रमुख स्थलों पर करीब 1600 सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे, जिनके जरिए पूरे यात्रा मार्ग की लगातार निगरानी की जाएगी.
17 स्थानों पर तैनात रहेंगे गोताखोर
चारधाम यात्रा के दौरान तीर्थयात्री हरिद्वार, ऋषिकेश, देवप्रयाग, मुनिकीरेती और शिवपुरी सहित कई स्नान घाटों पर गंगा में स्नान करते हैं. ऐसे में डूबने की घटनाओं को रोकने के लिए भी विशेष इंतजाम किए गए हैं. प्रशासन ने 17 स्थानों पर गोताखोरों की तैनाती, 24 स्थानों पर जल पुलिस और सात स्थानों पर फ्लड रेस्क्यू टीमों को तैनात करने का निर्णय लिया है.
मुख्य बिंदु और तैयारियां:
- सुरक्षा और निगरानी: यात्रा मार्ग पर 1600 सीसीटीवी कैमरे, 74 पुलिस चौकियां और 104 होल्डिंग पॉइंट बनाए जा रहे हैं.
- रजिस्ट्रेशन: 6 मार्च 2026 से ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन शुरू हो गए हैं. श्रद्धालु ‘Tourist Care Uttarakhand’ ऐप या व्हाट्सएप नंबर +91 8394833833 के माध्यम से भी पंजीकरण करा सकते हैं.
- वाहनों के नियम: वाहनों के लिए ग्रीन कार्ड और ट्रिप कार्ड अनिवार्य है, जिसमें ऑपरेटर और चालक की जानकारी होगी. परिवहन विभाग की स्पेशल टास्क फोर्स फिटनेस और ओवरलोडिंग की निगरानी करेगी.
- चिकित्सा और सुविधाएं: केदारनाथ-बद्रीनाथ मार्ग पर अस्पतालों को तैयार रखने और बिजली के लिए विशेष निर्देश दिए गए हैं.
- तकनीक का उपयोग: प्रमुख स्थलों पर क्यूआर कोड लगाए जाएंगे और मौसम/ट्रैफिक की जानकारी SMS के माध्यम से मिलेगी.
इसी के साथ पुलिस विभाग ने आगामी 2027 में होने वाले अर्धकुंभ को ध्यान में रखते हुए भी तैयारियां शुरू कर दी हैं. चारधाम यात्रा और अर्धकुंभ के दौरान सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए बड़ी संख्या में अर्धसैनिक बलों की जरूरत पड़ सकती है. इस संबंध में पुलिस मुख्यालय में एक बैठक भी आयोजित की जाएगी, जिसमें बाहरी राज्यों से मंगाई जाने वाली पैरामिलिट्री फोर्स के लिए प्रस्ताव तैयार कर केंद्र सरकार को भेजा जाएगा.
इसे भी पढ़ें:-तेज रफ्तार ट्रक ने कार-टेंपो को रौंदा, 3 की मौत, कई घायल