Ghazipur: श्री गंगा आश्रम में 48वें मानवता अभ्युदय महायज्ञ का 9वें दिन और उसकी पूर्णाहुति श्रीरामचरितमानस के परायण और वैदिक हवन यज्ञ के दिवस पर्यंत कार्यक्रम और विशाल भंडारे के साथ संपन्न हुआ। संध्याकालीन सत्संग ज्ञानयज्ञ का आरंभ ईश्वर वंदना से किया गया। वीरेंद्र और सुनील ने गुरु अर्चना सुनायी। चौधरी जी, श्रीमती पांडे, बसंती देवी और रजनीश ने भजन सुनाकर हजारों की संख्या में उपस्थित श्रद्धालुजनों को रससिक्त किया।
व्याख्यानों की श्रृंखला में आश्रम के सर्वराहकार, मानव धर्म प्रसार समाजसेवी संस्था के अध्यक्ष और बाबा गंगारामदास उत्तर माध्यमिक बालिका विद्यालय के प्रबंधक महंत भोला बाबा ने कहा कि श्री गंगा आश्रम सभी वर्गों, जातियों और धर्मों का है। जो लोग भी अपनी आध्यात्मिक उन्नति चाहते हैं, इस आश्रम की गतिविधियों को अपना समझकर प्रतिभाग करें और अपने जीवन को धन्य बनाएं। उन्होंने अपनी सामान्य दिनचर्या में मानवता के तीन मूल सिद्धांतों सत्य, न्याय और धर्म को अपनाने का आग्रह किया।
युवा व्यास माधव कृष्ण ने कहा कि संसार में सभी शास्त्रों और धर्मों का व्यक्तिगत सरोकार है कि उन्हें पढ़ने और उनका पालन करने वाला व्यक्ति एक अच्छा मनुष्य बने, उसका घर सुखी रहे। इसलिए सत्य, अहिंसा, अपरिग्रह, शौच, ब्रह्मचर्य, अस्तेय, शांति, शम दम इत्यादि सद्गुणों पर विचार किया जाता है। लेकिन यह भी सच है कि यदि ये सद्गुण समाज में व्याप्त न हों तो व्यक्तिगत स्तर पर भी इनका पालन मुश्किल हो जाता है। इसलिए इनविडुअल रिलीजियस गुणों के कम्युनिटी या सामाजिक गुणों मे बदलने की जरुरत है। संचालन साहब सिंह यादव ने किया। इस मौके पर जंगीपुर विधायक डॉ. वीरेंद्र यादव और जिले सहित देश, प्रदेश से आए तमाम गढ़मान्य जनों ने दर्शन पूजन कर प्रसाद ग्रहण किया। दोपहर 1 बजे और रात में 10 बजे तक सभी आगंतुकों को भोजन प्रसाद दिया गया। गुरु भगवान की रात में 9:30 बजे आरती करने के बाद ईश्वर विनय के साथ आश्रम परिसर की परिक्रमा हुई और आठवां दिन संपन्न हुआ।