New Delhi: केंन्द्र सरकार ने कहा कि कुछ इंटरनेट मीडिया पोस्ट में जुलाई 2025 में संसद में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के भाषण को गलत तरीके से पेश करने की कोशिश की गई।
रक्षा मंत्री के भाषण के एक हिस्से को चुनिंदा तौर पर उद्धृत करके यह गलत मतलब निकाला गया कि ऑपरेशन सिंदूर के दौरान किसी भारतीय सैनिक की जान नहीं गई। रक्षा मंत्रालय ने कहा कि ये बातें जानबूझकर गुमराह करने वाली और तथ्यों के लिहाज से गलत हैं।
इससे पहले कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने सरकार पर ऑपरेशन सिंदूर के दौरान छह सैन्यकर्मियों के सर्वोच्च बलिदान को छिपाने का आरोप लगाया था।
रक्षा मंत्रालय ने कहा कि इंटरनेट मीडिया पर कुछ पोस्ट में पिछले साल 28 जुलाई को संसद में रक्षा मंत्री के दिए गए भाषण को गलत तरीके से पेश करने की कोशिश की गई है।
रक्षा मंत्री के भाषण के समय मीडिया के कुछ वर्गों में दावा किया जा रहा था कि ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भारतीय पायलट लापता हो गए थे। इस शरारती नैरेटिव के संदर्भ में ही राजनाथ सिंह ने यह बयान दिया था।
रक्षा मंत्रालय ने कहा कि देश ने बलिदानियों को मौका मिलते ही सबसे पहले श्रद्धांजलि दी। उनकी स्मृति को हमेशा उस गरिमा और श्रद्धा के साथ सम्मानित किया जाएगा, जिसके वे हकदार हैं। इन बहादुर सैनिकों को “वीरता पुरस्कार” दिए गए।
यह उनकी बहादुरी और सर्वोच्च बलिदान की “औपचारिक और राष्ट्रीय मान्यता” थी। 11 मई, 2025 को प्रेस कान्फ्रेंस के दौरान तत्कालीन सैन्य संचालन महानिदेशक ने इन वीर सैनिकों को श्रद्धांजलि अर्पित की और विशेष रूप से आपरेशन सिंदूर के दौरान उनके बलिदान को स्वीकार किया।