पहाड़ों पर बारिश से मची तबाही, उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश में यातायात हुआ प्रभावित

Uttarakhand: देश के कई हिस्सों में मानसून का असर जारी रहा। जम्मू-कश्मीर में बादल फटा, हिमाचल प्रदेश में आंधी-तूफान के साथ बारिश हुई। इसके अलावा उत्तराखंड में भूस्खलन और बारिश से सैकड़ों सड़कें बंद हो गईं। इस बारिश से उत्तराखंड सबसे अधिक प्रभावित हुआ, जहां कई जिलों में भूस्खलन, सड़कें बंद होने, नदियों का जलस्तर बढ़ने और बुनियादी ढांचे को नुकसान पहुंचा है। मौसम विभाग के मुताबिक हिमाचल प्रदेश, जम्मू कश्मीर और उत्तराखंड में अगले 24 घंटे में भारी बारिश, भूस्खलन और बाढ़ का खतरा जताते हुए लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है। 

मानसून को सक्रिय रखने वाला सिस्टम कमजोर पड़ा
बता दे कि 9 जुलाई के बाद बंगाल की खाड़ी में कोई नया मजबूत लो-प्रेशर सिस्टम नहीं बना, जिससे मानसूनी हवाओं को पर्याप्त नमी नहीं मिल सकी। इसके साथ ही मानसून ट्रफ भी अपनी सामान्य स्थिति से उत्तर की ओर खिसक गई है। इसकी वजह से मध्य, पश्चिम और दक्षिण भारत के बड़े हिस्से में बादल और बारिश की गतिविधियां काफी कम हो गई हैं। फिलहाल बारिश मुख्य रूप से उत्तर भारत, पूर्वी राज्यों और पूर्वोत्तर तक सीमित है।

 जानकारी के अनुसार अगले कुछ दिनों तक देश के अधिकांश हिस्सों में मानसून के फिर से एक्टिव होने की संभावना कम है। मौसम विभाग का अनुमान है कि प्रशांत महासागर में 3 नए सिस्टम बन रहे हैं, अगर इनमें से एक भी बंगाल की खाड़ी तक पहुंच गया तो मानसून फिर से एक्टिव हो सकता है।

ऋषिकेश-यमुनोत्री हाईवे सहित 100 सड़कें बंद                                     
उत्तराखंड में बारिश के बाद सड़कों पर जगह-जगह पत्थर गिरने और मलबा आने से 100 सड़के बंद हैं। इसमें अधिकतर सड़कें ग्रामीण क्षेत्रों की हैं। राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र की ओर से जारी रिपोर्ट के मुताबिक देहरादून में 10 ग्रामीण मार्ग बंद हैं। बंद रास्तों को खोलने का प्रयास किया जा रहा है। 

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *