Uttar Pradesh: उत्तर प्रदेश में बृहस्पतिवार शाम से जारी भारी बारिश से रविवार को भी कई जगह रुक रुक कर जारी रही। वही तूफानी हवा चलने से मकान-दीवार, पेड़ गिरने से 33 लोगों की मौत हो गई। बता दें कि शनिवार को बारिश के बीच हुए हादसों में प्रदेश में 58 लोगों की मौत हुई थी। रविवार को भी बारिश से जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ। जानकारी के अनुसार जलभराव व ठप हुई बिजली आपूर्ति ने लोगों के लिए संकट खड़ा कर दिया। नदियों का जलस्तर तेजी से बढ़ने से तटवर्ती इलाकों पर बाढ़ का खतरा बढ़ गया। रविवार को बारिश थमने के साथ मौसम विभाग ने सोमवार के लिए कहीं भी भारी बारिश की चेतावनी जारी नहीं की है।
बारिश के दौरान विभिन्न जिलों में हुए हादसे
बता दें के रविवार को अवध के अलग-अलग जिलों में हुए हादसों में 11 लोगों की मौत हो गई। सीतापुर में तीन, बलरामपुर में तीन तथा श्रावस्ती, बहराइच, अमेठी, बाराबंकी और गोंडा में एक-एक व्यक्ति की जान गई। मकान गिरने से रामपुर में दो और संभल में एक की मौत हुई है। रामपुर में बारिश का पानी निकालते समय करंट लगने से एक महिला की जान चली गई। हरदोई, फर्रुखाबाद में तीन-तीन, कानपुर देहात में दो और उन्नाव में एक की मौत हुई है। बरेली में छह व प्रतापगढ़ में दो महिलाओं व बेवर में दीवार गिरने से किसान की मौत हो गई।
सबसे ज्यादा बारिश वाले शहर
फर्रुखाबाद में 320 मिमी, गोरखपुर में 234.2 मिमी और लखीमपुर खीरी में 195 मिमी बारिश दर्ज की गई। बता दें कि बारिश और प्रतिकूल मौसम को देखते हुए योगी सरकार ने राहत एवं बचाव कार्यों को तेज कर दिया है। आंधी-बारिश से प्रदेश में 1021 मकान क्षतिग्रस्त होने पर प्रशासन मदद उपलब्ध कराने में जुटा है। राहत आयुक्त ऋषिकेश भास्कर यशोद ने रविवार को जिलाधिकारियों और अपर जिलाधिकारियों के साथ राहत कार्यों की समीक्षा की। उन्होंने प्रभावित परिवारों से सीधे संवाद करने के निर्देश दिए। फसल क्षति का सर्वेक्षण और आकलन कर सहायता देने के निर्देश दिए।