Religion: सनातन धर्म में चंदन को विशेष पवित्र माना जाता है। इसलिए चंदन का प्रयोग विशेष रूप से पूजा में किया जाता है। माथे पर चंदन का तिलक लगाने की परंपरा भी सदियों पुरानी है। चंदन का इस्तेमाल अलग-अलग रूपों में किया जाता है। चंदन का प्रयोग मन को शांत रखने और पूजा के आध्यात्मिक प्रभाव को बढ़ाने वाला माना जाता है। जानिए पूजा में उपयोग करने से लेकर माथे पर तिलक लगाने तक, चंदन के पीछे की वजह और फायदे।
चंदन का इस्तेमाल पूजा में क्यों है खास
बता दें कि चंदन को संस्कृत में श्रीखंडम् कहा जाता है। पूजा में देवी-देवताओं को चंदन अर्पित करने और माथे पर इसका तिलक लगाने की परंपरा लंबे समय से चली आ रही है। धार्मिक मान्यताओं के मुताबिक शिवलिंग पर चंदन का लेप या अभिषेक किया जाता है। वहीं, भगवान विष्णु और उनके अवतारों की पूजा में सफेद और लाल चंदन अर्पित करने की परंपरा है।
माथे पर चंदन लगाने के फायदे
हिंदू धर्म में माथे पर तिलक लगाने की परंपरा बेहद पुरानी है। चंदन का तिलक विशेष रूप से शांति और शीतलता का प्रतीक माना जाता है। मान्यताओं के अनुसार पूजा या मंत्र जाप के बाद चंदन का तिलक लगाने से मन एकाग्र रहने और नकारात्मक विचारों से दूरी बनाने में मदद मिलती है। चंदन की खुशबू मन को सुकून देती है, यह तनाव और मानसिक थकान कम करने में मदद करता है।
सिरदर्द में राहत है चंदन
बता दें कि चंदन की ठंडी तासीर के कारण माथे पर इसका लेप लगाने की परंपरा रही है। खासतौर पर गर्मी या थकान की वजह से होने वाले सिरदर्द में इससे ठंडक महसूस हो सकती है। वहीं, चंदन का इस्तेमाल त्वचा की देखभाल में भी किया जाता है। इसका लेप त्वचा को ठंडक देने के साथ अतिरिक्त तैलीयपन कम करने में मदद कर सकता है।