दशहरें के दिन क्‍यों खाया जाता है पान, जानें धार्मिक परंपरा

Astrology: हिंदू धर्म में हर त्योहार की अपनी एक परंपरा है, जो सदियों से चली आ रही हैं, ऐसे में ही एक परंपरा विजयादशमी यानी दशहरा को लेकर भी है, कहा जाता है कि दशहरे के दिन पान अवश्‍य ही खाना चाहिए, ऐसे में आपके मन में ये सवाल उठ रहा आखिर पान खाना कौन सी परंपरा होती है, तो चलिए इसके बारे में बताते है। विजयादशमी का पर्व देशभर में भाईचारे के साथ मनाई जाती है, इस दिन हनुमान जी को पान का बीड़ा चढ़ाया और उसे खाया जाता है, खासतौर से तब, जब दशहरा मंगलवार के दिन होता है।

पान खाने का कारण

बताते चले कि पान को प्रेम और जीत का प्रतीक माना जाता है, इसके अलावा पान के लिए बीड़ा शब्‍द का भी इस्‍तेमाल किया जाता है, जिसे कर्तव्‍य के रूप में बुराई पर अच्‍छाई की जीत से जोड़कर देखा जाता है, यहीं वजह है कि इस दिन पान का बीड़ा खाया जाता है, हालाकि पान को रावण दहन से पहले ही हनुमान जी को चढ़ाकर उसका सेवन किया जाता है जिससे कि हनुमान जी का आर्शीवाद प्राप्‍त हो सके।

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