Religion: धनतेरस को धन्वंतरि जयंती के नाम से भी जाना जाता है इस दिन ही आरोग्य के देवता भगवान धन्वंतरि अमृत कलश लेकर प्रकट हुए थे। इसी कारण से इस दिन धन की देवी मां लक्ष्मी और देवताओं के कोषाध्यक्ष भगवान कुबेर के साथ-साथ आरोग्य के देवता भगवान धन्वंतरि की पूजा होती है। यह दिन धन-वैभव के साथ-साथ जीवन में अच्छे स्वास्थ्य के महत्व को भी दर्शाता है। इसी दिन से पांच दिवसीय दिवाली पर्व भी शुरु हो जाता है। यह दिन विशेष रूप से खरीदारी के लिए शुभ माना जाता है। इसी कारण से इस दिन हर कोई किसी न किसी शुभ वस्तु की खरीदारी अवश्य करता है।
धनतेरस भगवान धन्वंतरि की पूजा का शुभ मुहूर्त
धनतेरस पर भगवान धन्वंतरि की पूजा का शुभ मुहूर्त 6 नवंबर की शाम 06:02 से 07:57 तक रहेगा। वहीं प्रदोष काल 05:33 PM से 08:09 PM बजे तक तो वृषभ काल 06:02 PM से 07:57 PM तक रहेगा।
धन्वंतरि भगवान पूजा मंत्र
ॐ नमो भगवते महासुदर्शनाय वासुदेवाय धन्वंतराये:
अमृतकलश हस्ताय सर्व भयविनाशाय सर्व रोगनिवारणाय
त्रिलोकपथाय त्रिलोकनाथाय श्री महाविष्णुस्वरूप
श्री धनवंतरी स्वरूप श्री श्री श्री औषधचक्र नारायणाय नमः॥