Igloo Science: बर्फीले इलाकों में रहने वाले लोग ठंड से बचने के लिए इग्लू यानि बर्फ से बने हुए घरों में रहने लगते हैं. कभी न कभी आपने भी सोचा ही होगा कि जब बर्फ के अंदर वो रहते होंगे, तो भला उन्हें ठंड क्यों नहीं लगती? हालांकि इससे जुड़े हुए तमाम सवाल जब सामने आते हैं, तो हम कनफ्यूज़ हो जाते हैं. आइए जानते हैं इस सवाल का जवाब.
क्यों बर्फ से घर में नहीं लगती ठंड?
बर्फीले इलाकों में ठंड से बचने के लिए इग्लू यानि बर्फ के ईंटों से बने हुए घर बनाए जाते हैं. ये घर किसी डोम यानि गोल आकार में बने हुए होते हैं. इग्लू कॉम्प्रेस्ड स्नो से बना होता है, जिसे ब्लॉक्स में बनाकर डोम जैसी आकृति दी जाती है. चूंकि जमा हुआ बर्फ एक अच्छा इंसुलेटर है और वो बिजली के प्रवाह को रोकता है. स्नो में 95 फीसदी हवा फंसी हुई होती है और इसके क्रिस्टल्स सर्कुलेशन नहीं कर सकते हैं. ऐसे में शरीर की गर्मी या फिर मोमबत्ती की भी गर्मी अंदर ही कैद हो जाती है और गर्माहट मिलती है.
गर्म हवा नहीं जाती बाहर
इग्लू सिर्फ बर्फ के ढेर नहीं होते बल्कि इन्हें बड़ी होशियारी से बनाया जाता है. गर्म हवा ऊपर की तरफ उठती है इस वजह से सोने की जगह थोड़ी ऊंचाई पर बनाई जाती है. इससे यह पक्का होता है कि लोग इग्लू के सबसे गर्म हिस्से में आराम करें. साथ ही इसका दरवाजा एक छोटी सुरंग जैसा बनाया जाता है. यह एक कोल्ड ट्रैप की तरह काम करता है. इससे बाहर की ठंडी हवा सीधे अंदर रहने की जगह में नहीं आ पाती. भले ही बाहर का तापमान -40 डिग्री सेल्सियस तक गिर जाए फिर भी इग्लू के अंदर का तापमान 0 डिग्री सेल्सियस से 16 डिग्री सेल्सियस के बीच बना रह सकता है.
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