Religion: हर साल भाद्रपद माह की अमावस्या तिथि को पिठोरी अमावस्या मनाई जाती है। इस साल पिठोरी अमावस्या 11 सितंबर यानी, शुक्रवार को है। अमावस्या तिथि भगवान विष्णु को समर्पित है। मान्यता है कि इस दिन विष्णु जी के साथ मां लक्ष्मी और पितृ पूजन अत्यंत शुभ और लाभकारी होता है। यदि जो लोग पिठोरी अमावस्या का व्रत रखते हैं वे यह व्रत 11 तारीख को रखेंगे, वहीं अमावस्या से जुड़े स्नान-दान, पितृ तर्पण संबंधी धार्मिक कर्मकांड 11 सितंबर को किए जाएंगे।
भाद्रपद अमावस्या शुभ मुहूर्त 2026
ब्रह्म मुहूर्त – 04:32 AM से 05:18 AM
प्रातः सन्ध्या – 04:55 AM से 06:04 AM
अमृत काल – 07:05 AM से 08:37 AM
अभिजित मुहूर्त -11:53 AM से 12:42 PM
विजय मुहूर्त – 02:22 PM से 03:12 PM
गोधूलि मुहूर्त – 06:31 PM से 06:54 PM
सायाह्न सन्ध्या – 06:31 PM से 07:40 PM
भाद्रपद अमावस्या के दिन क्या करना चाहिए
भाद्रपद अमावस्या जिसे पिठोरी अमावस्या या कुशोत्पाटिनी अमावस्या भी कहते हैं इस दिन स्नान-दान जरूर करना चाहिए।
यह अमावस्या पितृ दोष से मुक्ति पाने के लिए भी खास मानी जाती है। ऐसे में इस दिन पितृ दोष के निवारण के उपाय जरूर करें।
इस दिन सुबह जल्दी उठकर पवित्र नदियों में स्नान करना चाहिए।
तांबे या अन्य पात्र में जल, कच्चा दूध और काले तिल लेकर अपने पूर्वजों का तर्पण किया जाता है।
कई जगहों पर इस अमावस्या के दिन सालभर के धार्मिक कार्यों के लिए आवश्यक पवित्र कुश घास को तोड़ा जाता है।
कई क्षेत्रों में महिलाएं इस दिन अपनी संतान की लंबी उम्र के लिए व्रत भी रखती हैं।