Religion: हिंदू धर्म में एकादशी व्रत का विशेष स्थान है, लेकिन सावन के पवित्र महीने में आने वाली एकादशी की महिमा और भी बढ़ जाती है. सावन मास के कृष्ण पक्ष में पड़ने वाली एकादशी को कामिका एकादशी के नाम से जाना जाता है. चातुर्मास की यह पहली एकादयशी मानी जाती है, इसलिए इस दिन भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की पूजा-अर्चना करने से अक्षय पुण्य की प्राप्ति होती है. पुराणों के अनुसार कामिका एकादशी का व्रत हजार गौ दान के बराबर पुण्य देता है। कहते हैं इस दिन तीर्थ स्थानों पर स्नान करने से अश्वमेघ यज्ञ के समान फल की प्राप्ति होती है। चलिए जानते हैं अगस्त में कामिका एकादशी कब मनाई जाएगी।
कामिका एकादशी कब है
पंचांग के अनुसार कामिका एकादशी तिथि 8 अगस्त की दोपहर 01:59 से शुरू होकर 9 अगस्त की सुबह 11:04 तक रहेगी। उदया तिथि के अनुसार कामिका एकादशी व्रत 9 अगस्त को रखा जाएगा। वहीं व्रत का पारण 10 अगस्त को किया जाएगा और पारण का समय सुबह 05:47 से 08 बजे तक रहेगा।
कामिका एकादशी व्रत पूजा विधि
इस दिन सुबह जल्दी उठकर स्नान से निवृत्त होकर पहले व्रत का संकल्प लें और फिर भगवान विष्णु की विधि विधान पूजा करें। भगवान को फल-फूल, तिल, दूध, पंचामृत, तुलसी आदि जरूर अर्पित करें। विष्णु सहस्त्रनाम या विष्णु चालीसा का पाठ करें। साथ ही कामिका एकादशी की कथा पढ़ें। दिन भर फलाहारी व्रत रहें और एकादशी के अगले दिन किसी ब्राह्मण को भोजन कराकर अपना व्रत खोलें।
कामिका एकादशी का महत्व
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार कामिका एकादशी का व्रत रखने से सभी बिगड़े काम बनने लगते हैं। साथ ही पितृ दोष से भी मुक्ति मिलती है। इस दिन तुलसी का पूजन भी जरूर करें। साथ ही भगवान विष्णु को तुलसी के पत्ते भी अवश्य चढ़ाएं, इससे आपके जीवन के सभी कष्ट दूर हो जाएंगे। साथ ही मां लक्ष्मी की भी कृपा प्राप्त होगी।