Religion: हरियाली तीज का व्रत हिंदू धर्म में विशेष महत्व रखता है। यह त्योहार माता पार्वती और भगवान शिव के पुनर्मिलन, प्रेम, समर्पण और वैवाहिक सुख का प्रतीक माना जाता है। हरियाली तीज पर एक विशेष उपाय करने की मान्यता है। इस खास उपाय से पति-पत्नी के बीच की दूरियां कम होती और प्यार व आपसी तालमेल बढ़ते है।
हरियाली तीज का महत्व
सनातन धर्म में हरियाली तीज का विशेष धार्मिक महत्व है। यह पर्व मां पार्वती और भगवान शिव को समर्पित है। माता पार्वती ने भगवान शिव को पति रूप में प्राप्त करने के लिए कठोर तपस्या की थी और हरियाली तीज के दिन शिव जी ने माता पार्वती को पत्नी के रूप में स्वीकार किया था। इसलिए हरियाली तीज पर सुहागिन महिलाएं आज भी पति की लंबी उम्र की कामना, सुखी वैवाहिक जीवन और अखंड सौभाग्य का आशीर्वाद पाने के लिए व्रत करती हैं हरियाली तीज का व्रत रखने और विधि-विधान से आराधना से वैवाहिक जीवन सुखी रहता है। वहीं, कुंवारी कन्याएं मनचाहा वर पाने और शादी में आने वाली अड़चनों को दूर करने की कामना से यह व्रत करती हैं। यह पर्व खासतौर पर उत्तर और पश्चिम भारत में उत्साह के साथ मनाया जाता है। इस बार हरियाली तीज 15 अगस्त को मनाई जाएगी।