Digital fraud: देश में पिछले कुछ समय से साइबर धोखाधड़ी के मामलों में तेज बढ़ोतरी हुई है. फर्जी लिंक, नकली कॉल और मालवेयर फाइल के जरिए लोगों के बैंक खातों से मिनटों में लाखों रुपये गायब हो रहे हैं. कई पीड़ितों को समझ ही नहीं आता कि गलती कहां हुई. लेकिन सही समय पर उठाया गया कदम पूरा पैसा वापस दिला सकता है. फ्रॉड के बाद हर मिनट की अहमियत होती है. अगर ट्रांजैक्शन के तुरंत बाद शिकायत की जाए तो पैसे को आगे ट्रांसफर होने से रोका जा सकता है. देरी होने पर रकम कई खातों में घूम जाती है, जिससे रिकवरी मुश्किल हो जाती है. इसलिए तेज प्रतिक्रिया ही सबसे बड़ी सुरक्षा है.
तत्काल एनसीआरपी पोर्टल और 1930 पर शिकायत दर्ज कराएं
हाल ही में एक व्यक्ति के पास मोबाइल पर चालान से जुड़ा एक मैसेज आया जिसमें एपीके फाइल थी. उन्होंने फाइल डाउनलोड की और थोड़ी देर बाद खाते से 3.17 लाख रुपये कट गए. मामला समझते ही उन्होंने तुरंत शिकायत दर्ज कराई. पीड़ित ने बिना देरी किए 1930 हेल्पलाइन और राष्ट्रीय साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल पर जानकारी दी. साइबर हेल्प डेस्क ने गोल्डन आवर में कार्रवाई करते हुए संबंधित बैंक खातों को ट्रेस कर रकम फ्रीज कराई. कानूनी प्रोसेस पूरी होने के बाद पूरी राशि वापस खाते में आ गई.
पैसे वापस पाने के तुरंत उपाय
- 1930 पर कॉल करें: यह सरकारी साइबर क्राइम हेल्पलाइन नंबर है. फ्रॉड के बाद जितनी जल्दी हो सके, इस पर रिपोर्ट करें.
- बैंक को सूचित करें: अपने बैंक के कस्टमर केयर पर कॉल करके अपना कार्ड, यूपीआई (UPI) या नेट बैंकिंग तुरंत ब्लॉक करवाएं.
- पोर्टल पर शिकायत: cybercrime.gov.in पर जाकर ऑनलाइन शिकायत दर्ज करें.
- RBI के नियम: , यदि आप 3 दिन के भीतर रिपोर्ट करते हैं, तो आपकी देनदारी शून्य हो सकती है. 24 घंटे के भीतर रिपोर्ट करने से रिफंड की प्रक्रिया तेज होती है.
- सबूत रखें: ट्रांजेक्शन का स्क्रीनशॉट, मैसेज या ईमेल का विवरण संभालकर रखें.
इन बातों का रखें ध्यान
- अनजान लिंक या एपीके फाइल न खोलें.
- बैंक या चालान संबंधी व्यक्तिगत जानकारी साझा न करें.
- किसी को भी अपना पिन (PIN), ओटीपी (OTP), या पासवर्ड न बताएं.
- केवल आधिकारिक वेबसाइट या गूगल प्ले स्टोर से डाउनलोड होने वाली एप का उपयोग करें.
- मोबाइल फोन से संदिग्ध एप हटाएं और समय-समय पर पासवर्ड बदलते रहें.
- ठगी होने पर तत्काल एनसीआरपी पोर्टल और 1930 पर शिकायत दर्ज कराएं.
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