Prohibited Weapons: दुनिया भर में कई ऐसे हथियार है, जो युद्ध में इस्तेमाल किये जाते है, लेकिन हकीकत में कुछ ऐसे भी हथियार हैं जो बेहद घातक होते है. इनके इस्तेमाल से सिर्फ सैनिकों को ही नहीं, बल्कि आने वाली नस्लों को भी तबाह कर देते हैं. परमाणु हथियार इतिहास के सबसे शक्तिशाली हथियारों में से एक हैं, जो पूरे शहरों को तबाह करने की क्षमता रखते हैं. हिरोशिमा और नागासाकी पर परमाणु बमबारी ने द्वितीय विश्व युद्ध को समाप्त कर दिया, लेकिन साथ ही दुनिया को अस्तित्व के खतरे के एक नए युग से भी परिचित कराया.
जैविक हथियार
जैविक हथियार दोधारी तलवार की तरह होते हैं. मध्ययुगीन घेराबंदी में प्लेग से संक्रमित शवों को फेंकने से लेकर आधुनिक कार्यक्रमों तक, इन हथियारों ने बड़े पैमाने पर मौत और दहशत फैलाई है. यूरोप में फैली काली मौत जैविक रणनीति का ही परिणाम थी और इसने पारंपरिक युद्ध की तुलना में कहीं अधिक लोगों की जान ली, जिससे ये इतिहास के सबसे घातक हथियारों में शुमार हो गए.
केमिकल वेपंस या रासायनिक हथियार
केमिकल वेपंस या रासायनिक हथियार जहरीले रसायनों का मिश्रण होते हैं. इन्हें गैस या धुएं के रूप में छोड़ा जाता है, जो सांस के जरिए शरीर में प्रवेश करते ही मौत का तांडव शुरू कर देते हैं. इन गैसों के संपर्क में आते ही आंखों में तेज जलन, दम घुटना और त्वचा पर भयानक छाले पड़ना शुरू हो जाते हैं. कुछ रसायन तो इतने प्रभावी होते हैं कि वे सीधे नर्वस सिस्टम पर हमला कर इंसान को मिनटों में मौत की नींद सुला देते हैं.
लैंडमाइन
लैंडमाइन एक ऐसा हथियार है जिसे धोखेबाज मौत कहा जा सकता है. ये जमीन के अंदर दबे छोटे बम होते हैं, जो किसी के पैर रखने या गाड़ी गुजरने का इंतजार करते हैं. इनका सबसे बुरा पहलू यह है कि युद्ध खत्म होने के बरसों बाद भी ये जमीन में सक्रिय रहते हैं और निर्दोष ग्रामीणों या बच्चों को अपना शिकार बनाते रहते हैं. यही वजह है कि मानवीय आधार पर लैंडमाइन्स के बिछाने पर दुनिया के ज्यादातर देशों ने रोक लगा दी है.
क्लस्टर बम
क्लस्टर बम असल में एक बड़ा कंटेनर होता है जिसके भीतर सैकड़ों छोटे-छोटे बम भरे होते हैं. जब इसे आसमान से गिराया जाता है, तो यह हवा में ही फटकर छोटे बमों को एक बड़े इलाके में बिखेर देता है. इनमें से कई छोटे बम तुरंत नहीं फटते और जमीन पर मिन्नी माइन्स की तरह पड़े रहते हैं. ये बाद में आम नागरिकों के लिए मौत का जाल बन जाते हैं. इसकी व्यापक तबाही को देखते हुए इसे प्रतिबंधित हथियारों की श्रेणी में रखा गया है.
सफेद फास्फोरस
सफेद फास्फोरस एक ऐसा रासायनिक पदार्थ है जो हवा के संपर्क में आते ही खुद-ब-खुद जलने लगता है. इसकी आग इतनी तेज और जिद्दी होती है कि इसे बुझाना लगभग नामुमकिन होता है. अगर यह इंसान की त्वचा पर गिर जाए, तो यह हड्डियों तक को जला डालता है. इसके अलावा ‘डर्टी बम’ भी एक बड़ा खतरा हैं. ये साधारण धमाके के साथ रेडियोएक्टिव धूल फैलाते हैं, जिससे कैंसर जैसी लाइलाज बीमारियां और जन्मजात विकलांगता का खतरा कई गुना बढ़ जाता है.
वैक्यूम बम
वैक्यूम बम को ‘थर्मोबैरिक हथियार’ भी कहा जाता है और यह किसी भी साधारण बम से कहीं ज्यादा खतरनाक है. यह धमाके से पहले हवा में एक खास ईंधन का बादल छोड़ता है और फिर उसमें विस्फोट करता है. यह धमाका आसपास की सारी ऑक्सीजन सोख लेता है और एक जबरदस्त दबाव पैदा करता है. इससे इंसानों के आंतरिक अंग फट जाते हैं और सांस लेना असंभव हो जाता है. यह हथियार बंद बंकरों और गुफाओं में छिपे लोगों के लिए काल साबित होता है.
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