Ghazipur: विख्यात संत बाबा जयगुरुदेव जी के उत्तराधिकारी सन्त पंकज जी महाराज की 83 दिवसीय जनजागरण यात्रा कल शाम ग्राम खुटहन पथरा पड़ाव पर पहुंची। स्थानीय भाईयों, बहनों ने पुष्पवर्षा, कलश व बाजे के साथ काफिले का भव्य स्वागत किया। काफिला के 41वें दिन पंकज जी महाराज ने कहा कि सन्त महात्मा कोई जाति-पाति, धर्म, मजहब या कौम-कौमियत बनाने नहीं आते हैं। वह हमारे हाथों में डंडा-तलवार पकड़ाने भी नहीं आते। वह तो सबको मानवता, सच्ची इंसानियत का पाठ पढ़ाते हैं।
मालिक से मिलने का रास्ता बताते हैं। साधना और भजन कराकर भव सागर से पार ले जाते हैं। जन्म-मरण के बन्धनों से मुक्ति दिलाते हैं। पंकज जी महराज ने कहा कि भगवान की भक्ति के लिये सबसे पहले मानवतावादी बनें। अच्छे समाज के निर्माण में भागीदार बनें। नशा त्यागकर शाकाहारी बनें। दुनिया का ज्ञान जहां समाप्त होता है उसकी चोटी से अध्यात्मवाद प्रारम्भ होता है। संत पंकज जी महाराज ने नामदान देते हुए सुमिरन, ध्यान, भजन को विस्तार से समझाया और बताया कि यदि विधि से सुरत शब्द नाम योग की साधना करेंगे तो आपको पारलौकिक दृष्य और वहां की आवाजें सुनाई देने लगेंगी।
शब्द को पकड़कर जीवात्मा ऊपरी मण्डलों में चली जायेगी। जैसे चिड़िया अपने घोषले से निकलकर आसमान का सफर करके अपनी घोषले में वापस आ जाती है। उसी प्रकार जीवात्मा ऊपरी मण्डलों का सफर करके वापस आ जाती है। इस परमात्मा को बनाये नर-नारायणी शरीर में मांस, मछली, अण्डा, शराब डालेंगे तो इसकी कठोर सजा मिलेगी। मांसाहार छोड़कर शाकाहारी बनना, नशा का त्याग, चरित्र उत्थान समय की मांग है। उन्होंने आगामी 3 से 5 मार्च 2026 तक जयगुरुदेव आश्रम, मथुरा में लाने वाले होली सत्संग मेले में भाग लेने का निमन्त्रण दिया।
इस अवसर पर जंगबहादुर सिंह यादव, प्रभाचन्द यादव, सुरेन्द्र यादव, बुच्चन, कैलाश प्रधान, मनबोध यादव, ब्लाक अध्यक्ष तथा सहयोगी संगत कौशाम्बी के घनश्याम सिंह, गोवर्धन आदि उपस्थित रहे। उपस्थित जनसमूह को महाराज जी ने साधुवाद दिया व उज्जवल भविष्य की मंगल कामना की। पुलिस प्रशासन का शांति व्यवस्था में सहयोग रहा। कार्यक्रम के बाद जनजागरण यात्रा अपने अगले पड़ाव कल दोपहर 12 बजे से सत्संग आयोजित है।