Alcohol: शराब का सेवन स्वास्थ्य के लिए बेहद हानिकारक माना जाता है. लेकिन फिर भी खुशी हो या फिर गम ज्यादातर लोग शराब का सहारा लेता है. आज के समय में शराब पीना बेहद आम हो चुका है. आजकल बेहद कम उम्र से ही युवा शराब का सेवन कर रहे हैं. शराब में भी लोग अलग अलग प्रकार का नशा कर रहे हैं. उन अलग-अलग शराब के प्रकारों में अलग-अलग अल्कोहल की मात्रा होती है. ऐसे में आज ये जानेंगे कि बीयर, वोदका या व्हिस्की किसमें अल्कोहल ज्यादा होता है?
1. व्हिस्की (Whiskey)
अल्कोहल की मात्रा: सामान्यतः 40% से 50%.
कुछ खास तरह की ‘कास्क स्ट्रेंथ’ (Cask Strength) व्हिस्की में यह 60% से भी अधिक हो सकती है. भारत में बिकने वाली ज्यादातर व्हिस्की में लगभग 42.8% अल्कोहल होता है.
2. वोदका (Vodka)
अल्कोहल की मात्रा: सामान्यतः 35% से 50%.
वोदका में अक्सर 40% अल्कोहल होता है. हालांकि, कुछ रशियन या पॉलिश वोदका ब्रांड्स में यह मात्रा 95% जैसे स्पिरिट्स तक भी जा सकती है, लेकिन वे पीने के लिए सीधे इस्तेमाल नहीं की जातीं.
3. बीयर (Beer)
अल्कोहल की मात्रा: सामान्यतः 4% से 8%.
लाइट बीयर: 2% से 4%
स्ट्रॉन्ग बीयर: 6% से 8%
कुछ क्राफ्ट बीयर में यह 12% तक हो सकती है, जो फिर भी व्हिस्की या वोदका के मुकाबले बहुत कम है.
कौन है सबसे ज्यादा नशीला?
अगर हम सीधी तुलना करें, तो व्हिस्की और वोदका दोनों ही ‘हार्ड ड्रिंक्स’ की श्रेणी में आती हैं. इनमें बीयर की तुलना में लगभग 5 से 10 गुना ज्यादा अल्कोहल होता है. इसका मतलब है कि जितनी अल्कोहल एक पूरी बीयर की बोतल में होती है, उतनी मात्रा व्हिस्की के एक छोटे से पेग में मिल सकती है.
दो ड्रिंक की मिक्सिंग पर क्या होता है?
वाइन एक्सपर्ट सोनल हॉलैंड कहती हैं, मिक्सिंग कितनी भी करें, नशा कुल अल्कोहल की मात्रा पर निर्भर करता है. अब इसका साइंस भी समझ लेते हैं. जब भी आप ड्रिंक लेते हैं भले ही आप सिंगल लेते हैं या फिर दो ड्रिंक को मिलाकर पैग बनाते हैं तो इसका सिर्फ फ्लेवर और टेस्ट बदलता है. आपके शरीर के ब्लड में वही एथेनॉल एब्जॉर्ब होता है जो आपने पीया होता है. इसलिए यह कहना गलत है कि दो ड्रिंक को मिलाकर पीया, इसलिए ज्यादा चढ़ गई.
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