गणतंत्र दिवस: राष्ट्रपति मुर्मू ने शुभांशु शुक्ला को अशोक चक्र से किया सम्मानित, अंतरिक्ष में भरी थी उड़ान

Republic Day: आज अपना देश 77वां गणतंत्र दिवस मना रहा है. इसके अवसर पर कर्तव्य पथ पर परेड भी निकाली जा रही है. वहीं इस विशेष अवसर पर हमारे देश की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने कई वीरों को उनकी वीरता के लिए सम्मानित भी किया है जिसमें अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन की यात्रा करने वाले पहले भारतीय ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला भी शामिल हैं. उन्हें राष्ट्रपति ने अशोक चक्र से सम्मानित किया है. आपको बता दें कि शुभांशु शुक्ला को जिस अशोक च्रक से सम्मानित किया गया है, वो देश का सर्वोच्च शांतिकालीन वीरता पुरस्कार है. उन्हें असाधारण साहस के लिए यह पुरस्कार मिला है.

14 दिन अंतरिक्ष स्टेशन पर रहे शुभांशु शुक्ला

लखनऊ के रहने वाले ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला हाल ही में अंतरिक्ष स्टेशन पर 14 दिन बिताकर आए हैं, वो एक्सिओम 4 मिशन का हिस्सा थे.  कामना पेशे से डॉक्टर हैं. कामना शुक्ला लखनऊ में ही रहती हैं. शुभांशु जब 16 जुलाई को अंतरिक्ष स्टेशन से लौटे थे तो वो बेटे कियांश के साथ उनसे मिलने भी गई थीं. अंतरिक्ष में जाने के पहले शुभांशु शुक्ला दो महीने तक क्वारंटीन रहे थे और लंबी ट्रेनिंग के कारण करीब वो एक साल से अपनी पत्नी से दूर थे. ऐसे में जब वो अमेरिकी पहुंचीं थीं तो पति को गले से लगा लिया था. उस इमोशनल पल को शुभांशु शुक्ला ने अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर साझा भी किया था.

शुभांशु शुक्ला के बारे में

शुभांशु शुक्ला का 16 साल की उम्र में एनडीए में चयन हो गया था. वो अंग्रेजी और हिन्दी दोनों में एक्सपर्ट हैं. लखनऊ में 10 अक्टूबर 1985 को पैदा हुए शुभांशु शुक्ला को जून 2006 में IAF एयरफोर्स पायलट के तौर पर कमीशन मिला. शुभांशु शुक्ला मिग-21, MiG-29, सुखोई 30 MKI, जगुआर  जैसे फाइटर जेट उड़ा चुके हैं. उन्हें 2 हजार से ज्यादा घंटे का उड़ान का अनुभव है. शुभांशु को मार्च 2024 में ग्रुप कैप्टन का ओहदा मिला था.

शुभांशु शुक्ला की कामना से हुई शादी

अंतरिक्षयात्री शुभांशु शुक्ला की पत्नी डॉक्टर कामना शुक्ला डेंटिस्ट हैं. लखनऊ के सिटी मांटेसरी स्कूल में दोनों लंबे वक्त तक साथ पढ़े हैं. स्कूल में ही दोनों के बीच प्यार हुआ और फिर साल 2009 में शादी के बंधन में बंध गए. बता दें कि अशोक चक्र भारत का सर्वोच्च शांतिकालीन वीरता पुरस्कार है जो सैनिकों और नागरिकों को असाधारण बहादुरी, साहस या सर्वोच्च बलिदान के लिए दिया जाता है.

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