Health care: आजकल की लाइफस्टाइल में लोगों को तनाव सबसे ज्यादा परेशान करने लगता है. लंबे समय तक तनाव में बने रहने से दिमाग और शरीर दोनों को दिक्कतें होने लगती हैं. शरीर में एनर्जी लेवल कम होने लगता है. दिनभर थकान और कमजोरी महसूस होती है. नींद नहीं आती जिससे स्वभाव में चिड़चिड़ापन आने लगता है. किसी भी काम में मन नहीं लगता है और इंसान निराशा से घिरने लगता है. क्योंकि लंबे समय तक तनाव में रहना मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य के लिए अच्छा नहीं है.
तनाव क्या है?
तनाव यानी ऐसी स्थिति जब हमारा मन या शरीर किसी दबाव, चुनौती या अप्रत्याशित परिस्थिति में खुद को असंतुलित महसूस करे. यह मनोवैज्ञानिक और जैविक दोनों प्रक्रिया है. आयुर्वेद में इसे “मानसिक दोष विकार” कहा गया है — यानी ऐसा विकार जो मन, बुद्धि और शरीर के तालमेल को बिगाड़ देता है.
तनाव दो प्रकार का होता है:
- सकारात्मक तनाव (Good Stress): जो प्रेरणा देता है, लक्ष्य तक पहुँचने में मदद करता है. जैसे परीक्षा से पहले थोड़ी बेचैनी, जो मेहनत करवाती है.
- नकारात्मक तनाव (Bad Stress): जो सोचने-समझने की क्षमता घटाता है, चिड़चिड़ापन और चिंता बढ़ाता है.
जब तनाव लंबे समय तक बना रहता है, तो यह नींद, पाचन, स्मरण शक्ति और रोग-प्रतिरोधक क्षमता पर गहरा प्रभाव डालता है.
तनाव क्यों होता है?
- अत्यधिक काम का दबाव या लक्ष्य-आधारित नौकरी
- पारिवारिक जिम्मेदारियाँ और आर्थिक चिंता
- नींद की कमी, असंतुलित आहार या निष्क्रिय जीवनशैली
- लगातार मोबाइल-स्क्रीन, सोशल मीडिया की तुलना या नकारात्मक समाचार
- आत्म-संतुलन और आत्म-स्वीकार्यता की कमी
तनाव से कैसे निकलें?
- सबसे पहले अपनी समस्या को पहचानें
- मानसिक तनाव को कम करने के लिए अपनी सोच बदलें
- एक्टिव लाइफस्टाइल रखें जिसमें व्यायाम जरूर शामिल हो
- भरपूर नींद लेने की कोशिश करें
- अपने शरीर का ख्याल रखें जैसे रोज नहाएं, थोड़ी देर पूजा पाठ करें
- सामाजिक जुड़ाव भी जरूरी है लोगों से मिलें और बात करें
- अगर बार बार तनाव होता है तो इससे बचने पर काम करें
- समस्या ज्यादा बढ़ने पर किसी पेशेवर की मदद लें
तनाव को प्रबंधित करने के लिए कदम उठाएं
- सप्ताह के अधिकांश दिनों में नियमित रूप से शारीरिक गतिविधि करें.
- विश्राम की तकनीकों का अभ्यास करें. गहरी सांस लेने, ध्यान, योग, ताई ची या मालिश जैसी तकनीकों को आजमाएं.
- अपने हास्यबोध को बरकरार रखें.
- परिवार और दोस्तों के साथ समय बिताएं.
- शौकों के लिए समय निकालें. किताब पढ़ें, संगीत सुनें या टहलने जाएं. अपनी रुचियों के लिए समय निर्धारित करें.
- डायरी में लिखें.
- पर्याप्त नींद.
- स्वस्थ और संतुलित आहार लें.
- तंबाकू और शराब के सेवन से दूर रहें, साथ ही अवैध पदार्थों के सेवन से भी बचें.
तनाव के लिए कुछ उपयोगी आयुर्वेदिक जड़ी-बूटियाँ
- अश्वगंधा (Ashwagandha): तनाव और थकान कम करती है, ऊर्जा बढ़ाती है.
- ब्राह्मी (Brahmi): याददाश्त और एकाग्रता सुधारती है, मस्तिष्क को शांत रखती है.
- शंखपुष्पी (Shankhpushpi): चिंता और बेचैनी कम करती है, नींद बेहतर करती है.
- जटामांसी (Jatamansi): मनोशांति और मानसिक स्फूर्ति बढ़ाती है.
- तुलसी (Tulsi): प्राकृतिक एंटी-स्ट्रेस हर्ब, प्रतिरक्षा भी मजबूत करती है.
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