Health care: अगर आपको बात-बात पर गुस्सा आता है और हर बात पर गुस्सा आता है, तो आपको सावधान होने की जरूरत है. रिसर्च में पाया गया कि सिर्फ आठ मिनट का तीव्र गुस्सा भी शरीर की ब्लड वेसल्स पर असर डाल सकता है. साइंटिस्ट के अनुसार, इतने कम समय की नाराजगी के बाद ब्लड वेसल्स के फैलने की क्षमता लगभग आधी रह गई और यह असर करीब 40 मिनट तक बना रहा. यानी गुस्सा केवल इमोशनल प्रतिक्रिया नहीं, बल्कि दिल के लिए शारीरिक खतरा भी बन सकता है. चलिए आपको बताते हैं कि कैसे यह आपके शरीर पर असर करता है.
गौर करने वाली बात
इस स्टडी में खुलासा हुआ कि जो लोग रेगुलर योग-एक्सरसाइज करते थे, उनके इमोशंस ज्यादा स्टेबल, कंट्रोल में थे. रिसर्च के मुताबिक अनफिट इंसान को फिट इंसान के मुकाबले आठ गुना ज्यादा गुस्सा आ सकता है. यही बात सेहत के लिहाज से सबसे ज्यादा अलार्मिंग है क्योंकि बार-बार गुस्सा आने का पहला वार नस-नाड़ियों को झेलना पड़ता है. गुस्से में तनाव वाले हार्मोन बढ़ते हैं, ब्लड प्रेशर अचानक ऊपर जाता है, ब्लड वेसेल्स सिकुड़ती हैं और सिरदर्द, माइग्रेन, तेज हार्ट बीट जैसी दिक्कतें शुरू हो जाती हैं.
बढ़ सकती हैं समस्याएं
अगर गुस्से का सिलसिला चलता रहे, तो नुकसान सिर्फ मूड तक नहीं रुकता, दिल पर दबाव बढ़ता है, दिमाग पर असर पड़ता है, स्ट्रोक का खतरा बढ़ सकता है, किडनी हाई बीपी की मार झेलती है, फेफड़ों की वर्क कपैसिटी गिरती है, पाचन गड़बड़ाता है, एसिड रिफ्लक्स, आईबीएस जैसी समस्याएं बढ़ती हैं. मामूली बात पर आने वाला गुस्सा धीरे-धीरे शरीर को उम्र से पहले थका सकता है और बीमारियों के भंवर में फंसा सकता है. गुस्से से हाइपरटेंशन, डायबिटीज, हार्ट डिजीज, स्ट्रोक, एंग्जायटी, डिप्रेशन और यहां तक कि स्किन और इम्यूनिटी से जुड़ी दिक्कतें भी ट्रिगर हो सकती हैं.
गुस्से पर काबू पाएं
एक्सपर्ट का मानना है कि गुस्से को हल्के में लेना सही नहीं है. अगर कोई व्यक्ति अक्सर चिड़चिड़ा रहता है या छोटी-छोटी बातों पर भड़क जाता है, तो उसे तनाव को मैनेज करने के तरीके अपनाने चाहिए, गहरी सांस लेना, नियमित एक्सरसाइज, योग या ध्यान जैसी तकनीकें दिल को सुरक्षित रखने में मदद कर सकती हैं. जरूरत पड़े तो काउंसलर या थेरेपिस्ट से बात करना भी फायदेमंद हो सकता है.
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