UP NEWS: उत्तर प्रदेश में कई नियमों में नए वित्तीय वर्ष 2026-27 से बदलाव होने जा रहा है. आम लोगों की जेब पर भी इन नियमों का असर पड़ने वाला है. नए नियमों के तहत स्कूलों में शिक्षा के तौर-तरीके में बदलाव से लेकर, छुट्टियों के कैलेंडर, स्वास्थ्य, टोल टैक्स और किसानों की आय तक कई बड़े बदलाव हो रहे हैं.
छुट्टियों का नया कैलेंडर लागू
यूपी सरकार की ओर से राज्य में नए सत्र के लिए छुट्टियों का कैलेंडर भी जारी कर दिया गया हैं जो एक अप्रैल से लागू कर दिया जाएगा. इस बार साल 2026 में 24 सरकारी और 31 वैकल्पिक छुट्टियां मिलेंगी. स्कूलों में जुलाई में यूनिट टेस्ट कराए जाएंगे. सितंबर-अक्टूबर में छमाही की परीक्षा और जनवरी-फरवरी में बोर्ड परीक्षा होगी.
हाईवे पर सफर करना होगा महंगा
एक अप्रैल से नेशनल हाईवे और एक्सप्रेसवे पर सफ़र करना महंगा हो जाएगा. NHAI ने नई टोल टैक्स की दरें लागू कर दी है. जिसमें हल्के वाहन से लेकर निजी और कमर्शियल वाहनों के लिए टोल प्लाजा पर 5 से 45 रुपये ज्यादा चुकाने होंगे. हालांकि मासिक और वार्षिक पास वाले वाहनों पर ये लागू नहीं होगा.
गेंहू का न्यूनतम समर्थन मूल्य में बढ़ोतरी
राज्य सरकार ने वित्तीय वर्ष 2026-27 में गेहूं खरीद के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य यानी एमएसपी में 160 रुपये की बढ़ोत्तरी की गई है. प्रदेश में गेहूं की सरकारी खरीद मूल्य अब बढ़ाकर 2585 रुपये प्रति क्विंटल हो गई. इसके अलावा किसानों को गेहूं की उतराई, छनाई और सफाई के लिए 20 रुपये प्रति क्विंटल अलग से दिया जाएगा. इस प्रकार किसानों को एक क्विंटल गेहूं पर 2605 रुपये की दर से भुगतान होगा. इसे बड़ी राहत माना जा रहा है.
प्रॉपर्टी रजिस्ट्री अतिरिक्त शुल्क
प्रदेश में जमीन विवाद से जुड़े मामलों को लेकर कई नियमों में बदलाव किया गया है. प्रॉपर्टी बेचने वाले की पहचान का रिकॉर्ड अब खतौनी यानी लैंड रिकॉर्ड से क्रॉस-चेक होगा. स्टांप निबंधन विभाग प्रॉपर्टी के ‘मालिकाना हक’ की जांच करेगा. स्टांप शुल्क को लेकर निर्णय लिया गया है कि अब यह सर्किल रेट के आधार पर निर्धारित होगा.
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