Useful Information: बाजार में उपलब्ध दवा से लेकर खाने पीने की चीजों पर एक्सपायरी तय किए जाते है. इससे हमें पता चल जाता है कि ये सामान खराब हो चुका है. लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि कंपनियों को पहले से कैसे पता चल जाता है कि कोई सामान किस तारीख को खराब होगा? क्या यह महज एक अंदाजा होता है या फिर इसके पीछे कोई विज्ञान छिपा है. चलिए इसे बेहद आसान शब्दों में समझ लेते हैं.
कैसे बताई जाती है दवाई की एक्सपायरी तारीख?
फूड एंड ड्रग एडमिनस्ट्रेशन ने 1979 में यह तय किया खाने-पीने की सभी चीजों पर एक्सपायरी डेट होनी चाहिए. इसके बाद सरकार ने दवाइयों पर भी एक्सपायरी डेट देने का निर्देश दिया. दवा कंपनियों ने इसके बाद स्टेबलिटी टेस्ट किया और इसी आधार पर एक्सपायरी डेट देने लगा. एक्सपायरी डेट तक कंपनियां दवा के असर की पूरी गारंटी देती है. स्टॉकवेल ने बताया कि इसका मतलब यह नहीं है कि दवा अब पूरी तरह से बेकार हो गई और इससे जहर बन जाती है. इस तरह पूरी सुरक्षा और केमिकल पोटेंसी जांचने के बाद ही डिब्बे पर तारीख छापी जाती है. अगर दवा को ठंडी, सूखी जगह पर, रोशनी और नमी से दूर रखी जाए तो इनमें से कई दवाएं इस समय सीमा के बाद भी अच्छी तरह काम करती हैं.
खाने की एक्सपयारी डेट कैसे बताई जाती है?
पैकेज्ड फूड पर एक्सपायरी तय करने का नियम थोड़ा अलग होता है. जिसपर बेस्ट बिफोर और यूज बाय लिखा देखा होगा. बिफोर का का मतलब है कि उस तारीख का स्वाद, खुशबू और रंग सबसे बेहतरीन रहेगा, हालांकि उसके बाद भी वह खाने योग्य हो सकता है. दूसरी तरफ ब्रेड, दूध और मांस जैसे जल्दी खराब होने वाले उत्पादों पर यूज बाय या सख्त एक्यपायरी डेट लिखी होती है. इसके पैकेट की हवा, नमी और रोशनी रोकने की क्षमता के आधार पर वैज्ञानिक तय करते हैं कि उसमें फंगस या बैक्टीरिया कब पनप सकते हैं.
एक्सीलरेटेड और रियल टाइम टेस्टिंग का तरीका
कंपनियां मुख्य रूप से दो तरीकों से किसी भी उत्पाद की शेल्फ लाइफ का पता लगाती हैं. पहला तरीके है रियल टाइम टेस्टिंग, जिसमें उत्पाद को सामान्य तापमान और नमी में रखकर लंबे समय तक उसकी जांच की जाती है. दूसरा और सबसे तेज तरीका है एक्सीलरेटेड टेस्टिंग. इसमें उत्पाद को जानबूझकर बहुत ही खराब परिस्थियों, जैसे 40 डिग्री तापमान और 75% उमस वाले कमरे में रखा जाता है. इससे वैज्ञानिक बहुत ही कम समय में यह जान लेते हैं कि अत्यधिक गर्मी और नमी में वह उत्पाद कितने महीनों या सालों तक सुरक्षित रहेगा.
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