पीएम मोदी ने सचिवों के साथ की उच्च-स्तरीय बैठक, विकसित भारत के लक्ष्य पर हुई चर्चा


New Delhi: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारत सरकार के सचिवों के साथ उच्च-स्तरीय बैठक किया। बैठक में वित्त एवं अर्थव्यवस्था, वाणिज्य एवं उद्योग और प्रौद्योगिकी से जुड़े क्षेत्रों की समीक्षा की गई। इस दौरान विकसित भारत के लक्ष्यों को हासिल करने के लिए आगे की कार्ययोजना और विभिन्न मंत्रालयों की प्राथमिकताओं पर विस्तार से चर्चा हुई।

विभिन्न मंत्रालयों के बीच बेहतर तालमेल पर दिया जोर

पीएम मोदी ने सरकार के विभिन्न मंत्रालयों और विभागों के बीच बेहतर तालमेल और टीम भावना के साथ काम करने पर जोर दिया। उन्होंने सरकार के भीतर क्षैतिज एवं ऊर्ध्वाधर दोनों प्रकार की कार्यगत बाधाओं को समाप्त करने की आवश्यकता पर जोर दिया, ताकि सभी विभाग को आपसी समन्वय के साथ कार्य करें और एकीकृत एवं प्रभावी परिणाम सुनिश्चित कर सकें।

शासन व्यवस्था के केंद्र में देश की जनता होनी चाहिए

पीएम मोदी ने नागरिक केंद्रित शासन को सर्वोच्च प्राथमिकता बताते हुए कहा कि शासन व्यवस्था के केंद्र में देश की जनता होनी चाहिए। उन्होंने बताया कि हर निर्णय और नीति आम-नागरिक के हितों और आकांक्षाओं के अनुरूप होना चाहिए। पीएम मोदी ने इस बात पर जोर दिया कि भारत जहां बुनियादी ढांचे के विकास में उल्लेखनीय निवेश कर रहा है, वहीं स्वदेशी तकनीकों को विकसित करने को भी समान प्राथमिकता दिया जाना चाहिए। उन्होंने महत्वपूर्ण क्षेत्रों में तकनीकी आत्मनिर्भरता और घरेलू क्षमताओं के निर्माण के महत्व पर विशेष बल दिया।

उन्होंने कहा कि ऊर्जा सुरक्षा का सीधा संबंध राष्ट्रीय सुरक्षा, आर्थिक स्थिरता और नागरिकों के कल्याण से है। भारत को नवाचार, विविधता और क्षमता निर्माण में तेजी लाकर ऊर्जा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता हासिल करना होगा।

 पीएम ने कार्यप्रणालियों में सुधार लाने, कार्य संस्कृति को बेहतर बनाने तथा संस्थागत दक्षता को मज़बूत करने की आवश्यकता पर ज़ोर दिया। पीएम मोदी ने कहा कि टेक्नोलॉजी के बढ़ते उपयोग के साथ-साथ डिजिटल प्रणालियों और अवसंरचना को सुरक्षित रखने के लिए साइबर सुरक्षा पर भी विशेष ध्यान दिया जाना चाहिए। उन्होंने उभरते साइबर खतरों के खिलाफ लगातार सतर्क रहने और साइबर सुरक्षा के क्षेत्र में युवा नवोन्मेषकों तथा उद्यमियों की भागीदारी बढ़ाने की अपील की।

सक्रिय संवाद और जनसंपर्क के महत्व पर जोर

पीएम मोदी ने उन रणनीतिक क्षेत्रों में सक्रिय संवाद और जनसंपर्क के महत्व पर बल दिया, जहां देश महत्वपूर्ण पहल कर रहा है, जिससे इन प्रयासों से जुड़ी भ्रामक जानकारी और बेबुनियाद आशंकाओं का प्रभावी ढंग से मुकाबला किया जा सके। उन्होंने कहा कि कार्यबल को उभरते और भविष्य के उद्योगों द्वारा आवश्यक कौशल से सुसज्जित करने के लिए नए शैक्षणिक पाठ्यक्रमों की योजना उद्योग जगत के साथ साझेदारी में बनानी चाहिए। बैठक में सचिवों ने अपने-अपने क्षेत्रों से संबंधित प्रगति, प्राथमिकताओं और कार्यान्वयन से जुड़े मुद्दों पर विस्तृत चर्चा की। बैठक में कैबिनेट सचिव, प्रमुख मंत्रालयों एवं विभागों के सचिव तथा प्रधानमंत्री कार्यालय के वरिष्ठ अधिकारियों ने भाग लिया।

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