राष्ट्रपति की मंजूरी के बाद परीक्षा संशोधन बिल अब बना कानून, 10 साल की सजा और 10 करोड़ के जुर्माने का प्रावधान

Anti-paper leak bill 2026: सरकारी नौकरियों और बड़े एंटरेंस एग्जाम में पेपर लीक के मामलों को रोकने के लिए केंद्र सरकार ने कानून को पहले से ज्यादा सख्त कर दिया है. Public Examinations (Prevention of Unfair Means) Amendment Act, 2026 को राष्ट्रपति की मंजूरी मिल गई है और अब ये कानून लागू हो गया है. नए कानून के तहत अब भारत में पेपर लीक करने वाले आरोपियों को 10 साल की जेल से लेकर 10 करोड़ तक के जुर्माने की सजा मिल सकती है. साथ ही जांच एजेंसी को दो महीने की तय समयसीमा के भीतर पेपर लीक के मामलों की जांच करनी होगी. यह विधेयक परीक्षा प्रक्रिया में पारदर्शिता, विश्वसनीयता और निष्पक्षता बढ़ाएगा।

नए कानून की खास बातें

  • हर राज्य में पेपर लीक के मामले की सुनवाई के लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट बनेंगे, जहां रोजाना सुनवाई होगी और 90 दिन के अंदर ट्रायल पूरा कर सजा का ऐलान किया जाएगा।
  • 2024 के कानून में 3 से 5 साल तक की सजा का प्रावधान था। अब 5 से 10 साल तक की सजा हो सकती है।
  • 2024 के कानून में पेपर लीक के लिए 10 लाख का जुर्माना लगाया जाता था। अब इसे बढ़ाकर 10 करोड़ रुपये कर दिया जाएगा।
  • पहले सेंट्रल इन्वेस्टिगेटिव एजेंसी पेपर लीक से जुड़े मामलों की जांच करती थी। अब पेपर लीक से जुड़े मामलों की जांच के लिए स्पेशल टास्क फोर्स का गठन किया जाएगा।
  • 2024 के कानून में पेपर लीक से जुड़े मामलों की जांच पूरी करने के लिए कोई समय सीमा तय नहीं थी, लेकिन अब नए संशोधन में 2 महीने के भीतर जांच पूरी करने की बात कही गई है।

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