देश में LPG नेटवर्क का होगा विस्तार,₹7000 करोड़ की लागत से बनेंगी 1800 KM की नई पाइपलाइन, 6 राज्यों को होगा फायदा

Country: देश में LPG की सप्लाई व्यवस्था को और मजबूत करने की दिशा में ऑयल सेक्टर रेगुलेटर का बड़ा कदम पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस नियामक बोर्ड (PNGRB) ने लगभग 7,000 करोड़ रुपये के अनुमानित निवेश से करीब 1,800 किलोमीटर लंबी नई LPG पाइपलाइन बनाने की मंजूरी दी है। इससे देश के कॉमन-कैरियर LPG पाइपलाइन नेटवर्क में लगभग एक-चौथाई का विस्तार होगा। इसका मकसद फ्यूल सप्लाई को ज्यादा मजबूत बनाना और सड़क परिवहन पर निर्भरता कम करना है।

कहां-कहां बनेंगी पाइपलाइन

बता दे कि इन नई पाइपलाइनों का फायदा तेलंगाना, महाराष्ट्र, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, कर्नाटक और गोवा को मिलेगा। सरकारी कंपनी गेल (इंडिया) लिमिटेड इन तीनों परियोजनाओं को विकसित करेगी। इससे देश का PNGRB-अधिकृत कॉमन-कैरियर LPG पाइपलाइन नेटवर्क करीब 7,700 किलोमीटर से बढ़कर लगभग 9,500 किलोमीटर हो जाएगा।

सड़क से कम होगी LPG की ढुलाई

फिलहाल देश में बड़ी मात्रा में LPG समुद्री रास्ते से आयात होकर तटीय टर्मिनल तक पहुंचती है। इसके बाद इसे सड़क मार्ग से देश के अलग-अलग हिस्सों में भेजा जाता है। नई पाइपलाइन व्यवस्था से लंबी दूरी तक LPG टैंकरों की आवाजाही कम होगी। इससे लॉजिस्टिक्स लागत, ट्रैफिक और सड़क दुर्घटनाओं का जोखिम कम करने में मदद मिलेगी। साथ ही कार्बन उत्सर्जन में भी कमी आने की उम्मीद है।

सप्लाई में आएगी ज्यादा स्थिरता

यह विस्तार ऐसे समय में हो रहा है जब भारत आयातित LPG पर बहुत ज्यादा निर्भर है, बड़ी मात्रा में सप्लाई तटीय आयात टर्मिनलों पर आती है और फिर देश भर के खपत केंद्रों तक पहुंचाई जाती है। उम्मीद है कि पाइपलाइन नेटवर्क के विस्तार से देश के अंदर LPG पहुंचाने की क्षमता और विश्वसनीयता बेहतर होगी।

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