West bengal: कोलकाता के जादवपुर विश्वविद्यालय (जेयू) में पिछले तीन दिनों से जारी छात्र संघर्ष और विरोध-प्रदर्शन की घटनाओं के बीच सीएम शुभेंदु अधिकारी ने कैंपस में देश-विरोधी वॉल ग्राफ़िटी और ड्रॉइंग पर चिंता जताई और राज्य यूनिवर्सिटी अधिकारियों को इसकी जांच करने और छात्रों का ऑन-ग्राउंड फिजिकल वेरिफिकेशन करने का निर्देश दिया।
सीएम ने वीसी को जांच और कार्रवाई का दिया निर्देश
सीएम शुभेंदु अधिकारी ने एक्स पोस्ट पर लिखा कि CMO को जादवपुर के स्टूडेंट्स के एक ग्रुप से शिकायतें मिली हैं। देश विरोधी, आपत्तिजनक ग्रैफिटी की तस्वीरों के साथ शिकायतें की गई हैं। आर्ट्स डिपार्टमेंट के बॉयज़ हॉस्टल में कई आपत्तिजनक तस्वीरें मिलीं। कैंपस में ऐसी देश विरोधी गतिविधियों को जारी रखने की इजाज़त नहीं दी जा सकती। वीडियो पोस्ट करके सीएम ने जादवपुर को लेकर भी कड़ा संदेश देते हुए कहा कि हायर एजुकेशन डिपार्टमेंट और यूनिवर्सिटी के वाइस चांसलर को तुरंत जांच करने को कहा गया है।
सीएम शुभेंदु अधिकारी ने देश विरोधी गतिविधियों के लिए जीरो टॉलरेंस बताते हुए सोशल मीडिया पर पोस्ट किया है। जादवपुर घटना को लेकर तनाव के माहौल में सीएम शुभेंदु अधिकारी ने अब यूनिवर्सिटी को लेकर कड़ा संदेश दिया है। कुछ वॉल राइटिंग की तस्वीरें पोस्ट करके उन्होंने संबंधित अधिकारियों को आर्ट्स डिपार्टमेंट के बॉयज़ हॉस्टल की तुरंत जांच करने का आदेश दिया है।
शैक्षिक संस्थान सीखने और राष्ट्र-निर्माण की पवित्र जगह
सीएम ने एक्स पर कहा कि शैक्षिक संस्थान सीखने, शैक्षणिक उत्कृष्टता और राष्ट्र-निर्माण की पवित्र जगहें होती हैं। किसी भी हालत में कैंपस परिसर का इस्तेमाल विकृत प्रोपेगैंडा और भारत-विरोधी भावनाएं नहीं फैलाने दिया जाएगा। मैं जादवपुर यूनिवर्सिटी के वाइस चांसलर, उच्च शिक्षा विभाग के प्रधान सचिव और अन्य संबंधित अधिकारियों से आग्रह करता हूं कि वे इस मामले की तुरंत जांच शुरू करें। सबसे पहले, आर्ट्स डिवीज़न के लड़कों के हॉस्टल इलाके की ज़मीनी स्तर पर जांच की जाए। अगर ऐसी अनुचित वॉल ग्राफ़िटी मौजूद हैं, तो इसमें शामिल लोगों की पहचान की जाए।
सीएम शुभेंदु अधिकारी ने कहा कि पश्चिम बंगाल सरकार राज्य में कहीं भी, खासकर शैक्षिक संस्थानों के कैंपस में, देश-विरोधी गतिविधियों के प्रति ‘ज़ीरो टॉलरेंस’ पर सख्त नीति अपनाई जाएगी। संबंधित विभाग और यूनिवर्सिटी प्रशासन को यह पक्का करना होगा कि नियमों का सख्ती से पालन हो और शैक्षणिक गरिमा बनी रहे। अगर ऐसी देश-विरोधी बातों और विकृत, मानसिक रूप से विक्षिप्त चित्रों की मौजूदगी की पुष्टि होती है, तो ग्राफ़िटी को हटाने, ज़िम्मेदारी तय करने और ज़िम्मेदार लोगों के ख़िलाफ़ सख्त प्रशासनिक और कानूनी कार्रवाई करने के लिए तुरंत कदम उठाए जाने चाहिए।