New Delhi: ब्रिक्स समिट में हिस्सा लेने आए चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग की पीएम मोदी की मुलाकात से दोनों देशों के संबंध एक बार फिर पटरी पर आते दिखाई पड़ रहे हैं। जानकारी के अनुसार चीन ने भारत से सटी वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) पर अपनी पीएलए-सेना की तैनाती में भारी कमी कर दी है। वही, रक्षा मंत्रालय की ताजा रिपोर्ट में इस बात का खुलासा हुआ है।
क्या है रक्षा मंत्रालय की रिपोर्ट
रक्षा मंत्रालय की रिपोर्ट में बताया गया है कि 2025 में उत्तरी सीमाओं के सामने PLA की तैनाती में महत्वपूर्ण कमी देखी गई। रिपोर्ट के मुताबिक LAC से लगे इलाकों और पारंपरिक सैन्य प्रशिक्षण क्षेत्रों में तैनात 10-10 संयुक्त हथियार ब्रिगेड स्तर की सैन्य टुकड़ियों को कम किया गया है।
जानकारी के अनुसार PLA की एक संयुक्त हथियार ब्रिगेड में करीब 5,000 सैनिक होते हैं। ऐसे में यदि 10 ब्रिगेड के स्तर की तैनाती कम हुई है तो यह संख्या करीब 50,000 सैनिकों के बराबर हो सकती है। हालांकि, यह संख्या LAC और प्रशिक्षण क्षेत्रों के लिए अलग-अलग आंकी जाती है।
रक्षा मंत्रालय की रिपोर्ट के मुताबिक चीन की तैनाती में कमी का उल्लेख जरूर है, LAC पर चीनी सैन्य खतरा समाप्त हो गया है। नवंबर 2024 में अमेरिका के तत्कालीन रक्षा विभाग के आंकलन के मुताबिक, चीन ने LAC के सामने करीब 1.20 लाख सैनिक तैनात किए थे और पश्चिमी, मध्य तथा पूर्वी सेक्टरों में 20 से अधिक संयुक्त हथियार ब्रिगेड अग्रिम इलाकों में मौजूद थीं।
भारत और चीन के बीच बातचीत से आया सकारात्मक बदलाव
रक्षा मंत्रालय की रिपोर्ट में कहा गया है कि भारत और चीन के बीच राजनीतिक, कूटनीतिक और सैन्य स्तर पर लगातार बातचीत ने उत्तरी सीमा पर सकारात्मक बदलाव लाने में मदद की है। अक्टूबर 2024 के बाद पीएम मोदी और चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग के बीच तीन मुलाकातें हो चुकी हैं।