Bhagya rekha: हस्तरेखा शास्त्र के अनुसार, यदि किसी व्यक्ति के हाथ में भाग्य रेखा नहीं है, तो इसका अर्थ यह नहीं है कि उस व्यक्ति का भाग्य बेहद खराब है, बल्कि इसका अर्थ है कि उसका जीवन बाहरी परिस्थितियों और दूसरों के सहयोग पर अधिक निर्भर रहेगा, बजाय इसके कि उसे अचानक भाग्य या संयोग से सफलता मिले.
जिनके हाथ में भाग्य रेखा नहीं होती, वे भाग्य के जरिये नहीं बल्कि अपने कर्मों और अपने प्रयासों और मेहनत से जीवन बनाते हैं. हालांकि, ऐसे लोगों के जीवन में उतार-चढ़ाव अधिक होते हैं क्योंकि भाग्य का सहारा कम होता है. लेकिन इन व्यक्तियों के लिए शिक्षा, कौशल और कर्म ही सबसे बड़ा सहारा होता है. जिनके हाथ में भाग्य रेखा नहीं होती, ऐसे लोग अक्सर व्यावहारिक और कर्मशील होते हैं.
सरल शब्दों में समझें तो भाग्य रेखा का हाथ में ना होना नकारात्मक नहीं है, बल्कि कर्मयोगी बनने का संकेत है. ऐसे लोग कड़ी मेहनत के बल पर जीवन में अपार सफलता प्राप्त करते हैं. ऐसे लोग जो ठान लेते हैं उसे पूरा करके ही दम लेते हैं. अगर यह लोग अपने कर्म करने से पीछे नहीं हटें तो अपनी तकदीर बदल सकते हैं. इसलिए भाग्य रेखा का ना होना नकारात्मक स्थिति नहीं है, बल्कि कर्मयोगी बनने का संकेत है. भाग्य रेखा न होने का मतलब यह भी हो सकता है कि व्यक्ति एक ही क्षेत्र में स्थिर नहीं रहता और जीवन में कई बदलाव करता है.