chanakya niti: चाणक्य के अनुसार सच्चा मित्र वो नहीं जो सिर्फ आपके अच्छे समय में ही साथ रहे, बल्कि सच्चा मित्र वह है जो आपके सुख में भले ही खड़ा न हो लेकिन दुख में जरूर साथ खड़ा रहे। चलिए आपको बताते हैं चाणक्य ने सच्चे मित्र की पहचान का कौन सा तरीका बताया है।
शत्रु के संकट में – जब कोई विरोधी या शत्रु आपको परेशान करने की कोशिश करे, तब बिना डरे जो आपकी ढाल बनकर खड़ा रहे वही आपका सच्चा साथी है।
राजदरबार या कानूनी मामलों में – जो व्यक्ति आपके कानूनी मामलों में भी आपका साथ न छोड़े और आपको परेशानी से बाहर निकालने में मदद करे, वही आपका सबसे अच्छा मित्र है।
बीमारी या शारीरिक कष्ट में – जब कोई व्यक्ति गंभीर बीमारी या किसी शारीरिक समस्या से जूझ रहा हो, उस समय जो मित्र साथ खड़ा रहे, वही सच्चा बंधु है।
बड़े संकट में – जीवन में जब भी कोई बड़ी विपत्ति आ जाए, उस समय जो आपके साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ा रहे। वही आपका असली दोस्त होता है।
अकाल या आर्थिक तंगी में – जब आपका आर्थिक रूप से बुरा दौर चल रहा हो, उस समय जो आपका हाथ थाम ले वही आपका सच्चा मित्र है।
अंतिम संस्कार या श्मशान में – जो व्यक्ति जीवन के अंतिम पड़ाव में या परिवार में किसी अनहोनी के समय श्मशान घाट तक आपका साथ निभाए वही आपका सच्चा बंधु कहलाता है।