6G technology: मोबाइल नेटवर्क की दुनिया में 5G के बाद अब अगली पीढ़ी यानी 6G की तैयारी शुरू हो गई है. अब इसका इस्तेमाल सिर्फ तेज इंटरनेट तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि AI, हेल्थकेयर, ऑनलाइन पढ़ाई और रियल-टाइम डिजिटल सेवाओं में इसकी सबसे अहम भूमिका होगी. इसी दिशा में रिलायंस जियो ने बड़ा ऐलान किया है.
इंडिया मोबाइल कांग्रेस (IMC) 2026 में जियो ने कहा कि जैसे ही 6G के वैश्विक मानक फाइनल होंगे, भारत उन पहले देशों में होगा जहां कमर्शियल 6G सेवाएं शुरू होंगी. कंपनी ने अपनी नई 6G रेडी तकनीक का लाइव डेमो भी दिखाया.
Jio ने दिखाया Giga MIMO Radio
IMC 2026 में जियो ने अपना Giga MIMO Radio पेश किया. कंपनी का दावा है कि यह भारत में बना पहला Giga MIMO Radio है. इसके साथ कंपनी ने एक ऐसी कॉमन बेसबैंड यूनिट भी दिखाई जो 5G और 6G दोनों नेटवर्क को एक साथ सपोर्ट करेगी. जियो ने बताया कि कंपनी अब तक 8,000 से ज्यादा पेटेंट फाइल कर चुकी है, जिनमें से सैकड़ों पेटेंट सिर्फ 6G टेक्नोलॉजी के हैं. वैश्विक 6G मानक बनाने की प्रक्रिया में जियो ने 934 से ज्यादा योगदान दिए हैं.
सैटेलाइट इंटरनेट की भी तैयारी
IMC 2026 में जियो ने अपनी Sovereign Satellite Connectivity योजना भी पेश की. इसके तहत कंपनी लगभग 1,600 लो अर्थ ऑर्बिट (LEO) सैटेलाइट और देशभर में 23 ग्राउंड स्टेशन का नेटवर्क बनाने की योजना पर काम कर रही है. इससे दूर-दराज के इलाकों में भी हाई-स्पीड इंटरनेट पहुंचेगा.
5G से कितना ताकतवर होगा 6G?
जियो के मुताबिक, 6G नेटवर्क मौजूदा 5G के मुकाबले 5 गुना तक ज्यादा क्षमता देगा. सबसे बड़ा फायदा लेटेंसी में होगा – नेटवर्क की देरी 10 गुना तक कम हो जाएगी.कम लेटेंसी का मतलब है कि आप कोई कमांड देंगे और नेटवर्क तुरंत रिस्पॉन्स करेगा. इससे AI सेवाएं रियल-टाइम में काम कर पाएंगी. होलोग्राफिक वीडियो कॉल, रिमोट सर्जरी, स्मार्ट क्लास और हाई-स्पीड डिजिटल सेवाओं के लिए जबरदस्त बैंडविड्थ मिलेगी. हालांकि, 6G की कमर्शियल लॉन्चिंग के लिए अभी ग्लोबल स्टैंडर्ड तय होना बाकी है, जिसका टारगेट 2030 के आसपास रखा गया है.
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