New Delhi: केंद्र सरकार ने दवा कंपनियों को बड़ी राहत देते हुए ड्रग्स (प्राइस कंट्रोल) ऑर्डर (DPCO), 2013 में महत्वपूर्ण संशोधन किए हैं. अब आने वाले दिनों में मरीजों को सस्ती दवाओं का लाभ मिलेगा. संसोधन के अनुसार, एक ही दवा के अलग-अलग पैक की अलग रेट तय की जा सकेगी. जरूरत पड़ने पर एक ही दवा के अलग-अलग पैक साइज, पैकेजिंग, डोज या दवा के स्वरूप (जैसे तरल या गैस) के आधार पर अलग-अलग अधिकतम या खुदरा कीमत तय कर सकेगी. इससे अलग पैक में आने वाली दवाओं की कीमत तय करना आसान होगा.
केंद्रीय रसायन एवं उर्वरक मंत्रालय के अंतर्गत फार्मास्यूटिकल्स विभाग ने यह नोटिफिकेशन जारी किया है. नए नियमों के तहत यदि कोई मौजूदा निर्माता पहले से तय कीमत वाली दवा को 12 महीने के भीतर लॉन्च करता है, तो उसे अब अलग से कीमत मंजूरी के लिए आवेदन नहीं करना होगा. दवा की कीमत कम होने पर कंपनियों को दो सप्ताह के भीतर डीलरों और मेडिकल स्टोर को नई मूल्य सूची भेजनी होगी. इसके अलावा विज्ञापन के जरिए नए कीमत की सूचना देनी होगी.
अगर कोई कंपनी सरकार द्वारा तय रिटेल प्राइस से ज्यादा कीमत पर दवा बेचती है, तो उसे: अतिरिक्त वसूली गई राशि जमा करनी होगी. उस पर ब्याज भी देना होगा और DPCO के तहत जुर्माना भी लगेगा.
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