भारत के 6 प्रसिद्ध शनि मंदिर, जहां दर्शन से दूर होते हैं शनि दोष!

Shani Temple: शनि देव को अनुशासन, परिश्रम और कर्म के देवता के रूप में जाना जाता है. भक्त विशेष रूप से शनिवार को शनि मंदिरों में जाकर न्याय की प्राप्ति और अपने जीवन से व्यक्तिगत बाधाओं या बुराई को दूर करने के लिए उनका आशीर्वाद प्राप्त करते हैं. वे कौवों को दाना खिलाते हैं और पीपल के वृक्षों की पूजा करते हैं, क्योंकि इन्हें भगवान का निवास स्थान माना जाता है. भक्त भगवान से प्रत्यक्ष दृष्टि नहीं डालते, न ही उनके सामने खड़े होते हैं और न ही उनके मंदिरों में जाते समय उनसे नेत्र संपर्क करते हैं. ऐसा इसलिए है क्योंकि ऐसा माना जाता है कि शनि को उनकी पत्नी ने श्राप दिया है कि जिस पर भी उनकी दृष्टि पड़ेगी, उसे हानि होगी.

शनिश्वर भगवान मंदिर

तमिलनाडु में स्थित शनिश्वर भगवान मंदिर, भारत के प्रमुख नवग्रहों मंदिरों में से एक है. मान्यताओं के मुताबिक, यहां प्रार्थना करने से शनि दोष से मुक्ति मिलनी के साथ दुर्भाग्य और विपत्तियां दूर होती हैं. भक्तों का मानना है कि, नाल तीर्थम सरोवर में नहाने से पिछले जन्म के बुरे कर्मों से छुटकारा मिलता है.

शनिचारा मंदिर

मध्य प्रदेश का शनिचारा मंदिर देश के सबसे प्राचीन शनि मंदिरों में से एक है. माना जाता है कि, मंदिर में स्थापित शनिदेव की मूर्ति एक उल्कापिंड से निर्मित हुई थी, जो बहुत समय पहले ठीक उसी स्थान पर गिरा था, जहां वर्तमान में मंदिर है. शनि की मूर्ति एक पहाड़ी की चोटी पर स्थित है.

बन्नंजे श्री शनि मंदिर

बन्नंजे श्री शनि क्षेत्र कर्नाटक में स्थित भगवान शनि की एक बेहद विशाल अखंड प्रतिमाएं दो सीढ़ि वाले चबूतरे पर स्थित है, ताकि हर कोई उनके दर्शन कर सके. यह मंदिर उडुपी जिले के फेमस श्रीकृष्ण मंदिर से कुछ ही किलोमीटर की दूरी पर बसा है. यहां भगवान को प्रसाद स्वरूप तैलाभिषेक किया जाता है.

येरदानूर शनि मंदिर

तेलंगाना के येरदानूर शनि मंदिर में 2 फुट ऊंचे आधार पर काले अखंड पत्थर से नक्काशी की गई भगवान शनि की 20 फुट ऊंची प्रतिमा स्थित है. इस अकेली प्रतिमा का वजन ही करीब 9 टन है. शनि के बुरे प्रभावों से बचने के लिए भक्त यहां दर्शन के लिए आते हैं.

शिंगणापुर मंदिर

महाराष्ट्र में स्थित शनि शिंगणापुर मंदिर भगवान शनि देव को समर्पित सबसे बड़े तीर्थस्थलों में से एक है. इस मंदिर की सबसे खास बात ये है कि, मंदिर में छत या दीवारें नहीं हैं. भगवान शनि देव को 5 फुट ऊंचे काले पत्थर के रूप में स्थापित किया गया है, जिसे सोनाई नामक चबूते पर रखा गया है. मान्यताओं के मुताबिक, ग्रामीणों को नदी में एक काला शिलापांव तैरता हुआ मिला, जिससे खून निकल रहा था. भगवान शनि एक दिन सपने में ग्राम प्रधान के सामने प्रकट हुए और उन्होंने बताया कि यह शिला उनकी खुद की प्रतिमा है.

शनि धाम मंदिर

नई दिल्ली स्थित शनि धाम मंदिर में प्राकृतिक चट्टान से निर्मित शनि देव की 21 फुट ऊंची प्रतिमा है, जो विश्व की सबसे ऊंची प्रतिमा है. भक्तों का मानना है कि, इस मंदिर में शनि देव की पूजा करने से जीवन में आने वाली तमाम बाधाओं से मुक्ति मिलती है.

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