Vande Mataram Law: देश के राष्ट्रीय गीत ‘वंदे मातरम्’ के सम्मान और गरिमा को सुरक्षित रखने के लिए केंद्र सरकार ने एक ऐतिहासिक कदम उठाया है. राष्ट्रीय गीत वंदे मातरम् का अपमान करना, गायन में जानबूझकर बाधा डालना या उसे रोकना अब अपराध माना जाएगा. लोकसभा और राज्यसभा से ‘वंदे मातरम् बिल’ को मंजूरी मिलने के बाद आज मंगलवार, 11 अगस्त को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने भी इस विधेयक को मंजूरी दे दी है, जिससे अब यह कानून बन गया है.
दोनों सदनों के बाद राष्ट्रपति से मिली मंजूरी
लोकसभा में 30 जुलाई को वंदे मातरम् बिल पारित हुआ था, जबकि राज्यसभा ने इसे 29 जुलाई को ही मंजूरी दे दी थी. जिसके बाद राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने भी इस विधेयक को मंजूरी दे दी है. इस कानून के तहत वंदे मातरम् गीत को वहीं कानूनी संरक्षण मिलेगा, जो वर्तमान में राष्ट्रगान को प्राप्त है.
15 अगस्त को लाल किले पर पहली बार गाया जाएगा वंदे मातरम्
केंद्रीय गृह मंत्रालय ने कहा कि स्वतंत्रता दिवस समारोह में पहली बार लालकिले की प्राचीर से वंदे मातरम् गाया जाएगा. गृह मंत्रालय ने राष्ट्रगीत के गायन को लेकर एक नया प्रोटोकॉल भी जारी किया था, जिसके तहत आधिकारिक कार्यक्रमों और स्कूलों में इसके छह पदों को गाना अनिवार्य किया गया है.
कितने साल की हो सकती है सजा?
इन अपराधों के लिए अधिकतम तीन साल की कैद, जुर्माना या दोनों की सजा हो सकती थी, जबकि दूसरी और उसके बाद की हर सजा के लिए कम से कम एक साल की कैद का प्रावधान था. पूर्ववर्ती कानून में राष्ट्रगान को समान संरक्षण प्रदान नहीं किया गया था.
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