Lucknow: उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने राज्य के करोड़ों कामगारों, श्रमिकों और महिला कर्मचारियों के लिए एक ऐतिहासिक सौगात दिया है। मंगलवार को हुई कैबिनेट बैठक में ‘उत्तर प्रदेश उपजीविकाजन्य सुरक्षा, स्वास्थ्य व कार्यदशा नियमावली और उत्तर प्रदेश सामाजिक सुरक्षा नियमावली को मंजूरी दे दी गई है। सरकार के इस बड़े कदम से न केवल कर्मचारियों को सामाजिक सुरक्षा का मजबूत कवच मिलेगा, बल्कि उद्योगों और कार्यस्थलों पर महिलाओं की भागीदारी के लिए भी नए रास्ते खुलेंगे।
नियमावली में काम के घंटे, विश्राम, मजदूरी और छुट्टी के साथ कार्यस्थल पर पेयजल, शौचालय, स्नानागार, विश्राम कक्ष, कैंटीन व प्राथमिक उपचार जैसी सुविधाएं अनिवार्य होंगी। गंभीर दुर्घटना या व्यावसायिक खतरे की सूचना सक्षम प्राधिकारी को देनी होगी।
महिलाओं की सुरक्षा को सर्वोपरि रखते हुए नियोक्ताओं के लिए सख्त शर्तें तय की गई हैं। कंपनियों और संस्थानों को रात में काम करने वाली महिला कर्मचारियों के लिए सुरक्षित परिवहन (कैब सर्विस) और चाक-चौबंद सुरक्षा उपाय सुनिश्चित करना अनिवार्य होगा। इसके साथ ही, महिला कर्मचारियों के मातृत्व लाभ से जुड़े अधिकारों के पूर्ण संरक्षण की भी पुख्ता व्यवस्था की गई है। वही, महिलाओं को सहमति से सभी तरह के प्रतिष्ठानों और रात्रिकालीन ड्यूटी की अनुमति होगी।