Delhi: राजधानी दिल्ली में आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस के महाकुंभ का आगाज होने वाला है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज शाम 5 बजे मेगा एक्सपो का उद्घाटन करेंगे. इस समिट में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी AI के भविष्य, इसके सामाजिक प्रभाव और सुरक्षित इस्तेमाल को लेकर दुनिया भर के बड़े नेता, नीति-निर्माता और टेक कंपनियों के प्रमुख एक साथ जुटे हैं. इस बार समिट की थीम ‘People, Planet and Progress’ रखी गई है. इसका मतलब है कि AI का इस्तेमाल लोगों की भलाई, पर्यावरण की सुरक्षा और विकास के लिए कैसे किया जाए.
‘पीपल, प्लैनेट, प्रोग्रेस’ थीम पर 300+ पवेलियन
इस एक्सपो की थीम लोग, ग्रह और उन्नति (People, Planet and Progress) पर आधारित है, जिसके तहत 300 से अधिक क्यूरेटेड प्रदर्शनी पवेलियन और लाइव डेमो प्रस्तुत किए जाएंगे. यहां AI के समाज, पर्यावरण और विकास आधारित उपयोगों को वास्तविक उदाहरणों और प्रोजेक्ट्स के माध्यम से दिखाया जाएगा.
70,000 वर्ग मीटर में फैला भव्य एक्सपो
पीएमओ ने बताया कि 70,000 वर्ग मीटर में फैले 10 एरेना वाले इस एक्सपो में वैश्विक टेक कंपनियां, स्टार्टअप्स, शिक्षाविद, अनुसंधान संस्थान, केंद्रीय मंत्रालय, राज्य सरकारें और अंतरराष्ट्रीय पार्टनर शामिल होंगे. यहां एआई सहयोग को प्रदर्शित करते हुए 13 देशों—जैसे जापान, यूके, फ्रांस, जर्मनी, ऑस्ट्रेलिया, रूस, सर्बिया, ताजिकिस्तान और अफ्रीका—के पवेलियन भी लगेंगे.
600 से अधिक स्टार्टअप्स दिखाएंगे इनोवेशन
एक्सपो में 600+ हाई-कैपेसिटी स्टार्टअप्स हिस्सा लेंगे, जो अपने ऐसे समाधानों को प्रदर्शित करेंगे जो वास्तविक दुनिया में पहले से उपयोग में हैं. इसमें हेल्थकेयर, एग्रीटेक, एजुकेशन, साइबर सिक्योरिटी, शहरी विकास और अन्य सेक्टरों से जुड़े इनोवेशन शामिल होंगे, जो AI के ज़रिए समस्याओं के समाधान का रास्ता दिखाते हैं.
ग्लोबल साउथ का सबसे बड़ा AI समिट
इंडिया एआई इम्पैक्ट एक्सपो में अंतरराष्ट्रीय प्रतिनिधियों सहित 2.5 लाख से ज्यादा लोगों के आने का अनुमान है. इसे ग्लोबल साउथ का अब तक का सबसे बड़ा AI सम्मेलन बताया जा रहा है. इसका उद्देश्य वैश्विक AI तंत्र में नई साझेदारियां बनाना, बिजनेस अवसर पैदा करना और भारत को AI नेतृत्व के केंद्र के रूप में स्थापित करना है.
500+ सेशन, 3250 विशेषज्ञ, AI के भविष्य पर गहन चर्चा
इस समिट में 500 से अधिक विशेष सत्र आयोजित किए जाएंगे, जिनमें 3250 से अधिक विशेषज्ञ और वक्ता शामिल होंगे. ये सत्र AI के विभिन्न क्षेत्रों में प्रभाव, भविष्य की संभावनाओं, जिम्मेदार और समावेशी AI के ढांचे, और तकनीक को हर वैश्विक नागरिक तक पहुंचाने की रणनीतियों पर चर्चा करेंगे.
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