New Delhi: दिल्ली सरकार ने राजधानी के सार्वजनिक परिवहन को अधिक सुविधाजनक बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाने जा रही है। बसों की कमी और लंबे इंतजार की समस्या को दूर करने के लिए 7 जुलाई को दिल्ली के बेड़े में 300 नई इलेक्ट्रिक बसें शामिल की जाएंगी। इन बसों को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह हरी झंडी दिखाकर रवाना करेंगे।
जानकारी के अनुसार नई बसों के संचालन से यात्रियों का इंतजार कम होगा और भीड़भाड़ वाली बसों में सफर करने की मजबूरी भी घटेगी। विभाग ने बताया कि अधिक मांग वाले रूटों पर बसों की संख्या बढ़ने से सार्वजनिक परिवहन सेवा पहले की तुलना में अधिक सुगम और सुविधाजनक होगी। बता दे की शामिल की जा रही 300 नई इलेक्ट्रिक बसों की अधिकांश लंबाई 9 मीटर हैं। इनका आकार ऐसा है कि ये मुख्य सड़कों के अलावा संकरी गलियों और उन इलाकों में भी आसानी से चल सकेंगी, जहां बड़ी बसों का संचालन कठिन होता है। इससे कॉलोनियों और प्रमुख मार्गों के बीच लास्ट माइल कनेक्टिविटी बेहतर होने की उम्मीद है। सरकार का मानना है कि इससे अधिक लोगों को सार्वजनिक परिवहन का लाभ मिलेगा।
दिल्ली सरकार सार्वजनिक परिवहन को पर्यावरण के अनुकूल बनाने की दिशा में इलेक्ट्रिक बसों का बेड़ा लगातार बढ़ा रही है. राजधानी में 6,100 से अधिक इलेक्ट्रिक बसें संचालित हो रही हैं। 300 नई बसों के शामिल होने के बाद इनकी संख्या और बढ़ जाएगी, जिससे प्रदूषण कम करने और स्वच्छ परिवहन को बढ़ावा देने में भी मदद मिलेगी। 2029 तक 14000 ई-बसों को चलाने की है योजना : दिल्ली के परिवहन मंत्री डॉ. पंकज कुमार सिंहने बताया कि सरकार का लक्ष्य इस वर्ष के अंत तक राजधानी में बसों की कुल संख्या 7,500 तक पहुंचाने का है। इसके साथ ही वर्ष 2029 तक दिल्ली की सड़कों पर 14,000 इलेक्ट्रिक बसें संचालित करने की योजना है। इसके लिए नई बसों को चरणबद्ध तरीके से डिपो में शामिल किया जाएगा।