New Delhi: देश में प्रतियोगी परीक्षाओं की पारदर्शिता एक बार फिर चर्चा में है। पीएम मोदी ने कहा कि पेपर लीक जैसी घटनाएं केवल लाखों छात्रों की मेहनत पर असर नहीं डालतीं है. बल्कि पूरी परीक्षा व्यवस्था पर लोगों के भरोसे को कमजोर करती हैं। पीएम ने स्पष्ट कहा कि परीक्षा की पवित्रता बनाए रखना केवल सरकार की नहीं, बल्कि सभी संस्थाओं और राज्यों की जिम्मेदारी है।
पीएम मोदी ने कहा कि सरकार ने नीट मामले में तुरंत कार्रवाई की और जिम्मेदार लोगों को जवाबदेह ठहराया गया। पेपर लीक के बाद दोबारा परीक्षा भी कराई गई। प्रधानमंत्री ने इस पूरे मामले को ‘घोर पाप’ बताया और कहा कि सभी राज्य सरकारों को मिलकर काम करना होगा ताकि आगे कभी पेपर लीक जैसी घटनाएं न हो।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज NDA संसदीय दल की बैठक में शामिल हुए। इस बैठक को मंगल मिलन नाम दिया गया है। इस बैठक में पीएम मोदी ने एनडीए सांसदों से अपील की कि वे बच्चों को भड़काने के बजाय उन्हें सही रास्ता दिखाएं। यह बात उन्होंने नीट पेपर लीक को लेकर दिल्ली में छात्रों के बड़े विरोध प्रदर्शन के एक दिन बाद कही है।
पीएम मोदी ने कहा कि यह सिर्फ केन्द्र सरकार का मामला नहीं है। क्योंकि पेपर लीक के दोषियों को सजा दिलाने के लिए सबको एकजुट होना होगा। उन्होंने कहा कि आगे ऐसा ना हो इसके लिए इंतजाम करेंगे। पीएम मोदी का ये बयान कॉकरोच जनता पार्टी के संसद मार्च के बाद आया है।