घंटों बैठकर काम करने वालों के लिए मददगार है ये योगासन, मिल सकते हैं कई फायदे

Yoga Asanas: आजकल घंटों तक कुर्सी पर बैठकर काम करने, गलत पोस्चर में रहने और शारीरिक गतिविधि कम होने के कारण कमर और पीठ से जुड़ी परेशानियां काफी जादा हो गई हैं. लंबे समय तक एक ही स्थिति में बैठे रहने से शरीर में अकड़न और मांसपेशियों में खिंचाव महसूस हो सकता है. ऐसे में योग के कुछ आसान आसन शरीर को एक्टिव और लचीला बनाए रखने में मदद कर सकते हैं।

वक्रासन भी इन्हीं योगासनों में शामिल है. वक्रासन को खासतौर पर रीढ़ की हड्डी और कमर के लिए उपयोगी योगासन माना जाता है. नियमित और सही तरीके से इसका अभ्यास करने से रीढ़ की हड्डी के लचीलेपन को बनाए रखने में मदद मिल सकती है. इसके अलावा यह पाचन तंत्र के लिए भी फायदेमंद माना जाता है।

कैसे करें वक्रासन

मोरारजी देसाई नेशनल इंस्टिट्यूट ऑफ योगा के अनुसार, वक्रासन करने के लिए सबसे पहले जमीन पर बैठकर दोनों पैरों को सामने की ओर सीधा फैलाएं. इस स्थिति को दंडासन कहा जाता है. दोनों पैरों को आपस में मिलाकर रखें और रीढ़ की हड्डी को सीधा रखते हुए गहरी सांस लें. अब बाएं पैर को घुटने से मोड़ें और उसके पंजे को दाएं घुटने के पास जमीन पर रखें. इसके बाद सांस छोड़ते हुए दायां हाथ बाएं घुटने के पास ले जाएं और पैर के तलवे को पकड़ने की कोशिश करें. अगर ऐसा करना मुश्किल हो तो हथेली को बाएं पैर के पास जमीन पर रखा जा सकता है. इसके बाद बायां हाथ शरीर के पीछे जमीन पर रखें।

हाथ की उंगलियां शरीर से विपरीत दिशा में रहें. इस स्थिति में सांस लेते हुए रीढ़ की हड्डी को सीधा रखें. फिर सांस छोड़ते हुए गर्दन और पीठ को धीरे-धीरे बाईं ओर मोड़ें. शरीर को उतना ही मोड़ें, जितना आसानी से और बिना दर्द के किया जा सके. जबरदस्ती शरीर को खींचने या मोड़ने की कोशिश नहीं करनी चाहिए. कुछ समय इसी स्थिति में रहने के बाद धीरे-धीरे सामान्य अवस्था में वापस आ जाएं।

रीढ़ और कमर के लिए फायदेमंद माना जाता है वक्रासन

वक्रासन के नियमित अभ्यास से रीढ़ की हड्डी में लचीलापन बनाए रखने में मदद मिल सकती है. इसके ट्विस्टिंग मूवमेंट की वजह से कमर और कंधों के आसपास होने वाले खिंचाव को कम करने में भी मदद मिल सकती है। खासकर ऐसे लोग जो लंबे समय तक बैठकर काम करते हैं, उनके लिए यह आसन शरीर को स्ट्रेच करने का एक आसान तरीका हो सकता है. हालांकि, आसन करते समय शरीर की क्षमता का ध्यान रखना जरूरी है और किसी भी तरह का तेज दर्द होने पर इसे रोक देना चाहिए।

पाचन तंत्र के लिए भी उपयोगी

वक्रासन को पाचन तंत्र के लिए भी लाभकारी माना जाता है. इसके अभ्यास के दौरान होने वाली हल्की ट्विस्टिंग और पेट के आसपास पड़ने वाले दबाव से पाचन क्रिया को बेहतर रखने में मदद मिल सकती है. नियमित अभ्यास से कब्ज, गैस और एसिडिटी जैसी सामान्य पाचन संबंधी परेशानियों में राहत मिलने की संभावना बताई जाती है. हालांकि, लगातार या गंभीर पाचन संबंधी समस्या होने पर केवल योग पर निर्भर रहने के बजाय विशेषज्ञ से सलाह लेना जरूरी है।

सही तरीके से अभ्यास करना जरूरी

वक्रासन देखने में आसान लग सकता है, लेकिन इसे सही तकनीक के साथ करना जरूरी है. शरीर को जरूरत से ज्यादा मोड़ने या खिंचाव देने से परेशानी हो सकती है. शुरुआत में अपनी क्षमता के अनुसार ही अभ्यास करें और धीरे-धीरे शरीर का लचीलापन बढ़ने दें।

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