Waqf Bill: लोकसभा में वक्फ संशोधन विधेयक 2025 पेश किया जा चुका है. केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू प्रश्नकाल के बाद दोपहर इसे सदन में चर्चा के लिए पेश किया. इस दौरान उन्होंने कहा कि दिल्ली में साल 1970 से चल रहा एक मामला CGO कॉम्प्लेक्स और संसद भवन समेत कई संपत्तियों से जुड़ा है, जिसे दिल्ली वक्फ बोर्ड ने वक्फ संपत्ति बताया था. इसे लेकर मामला कोर्ट में था, लेकिन उस समय UPA सरकार ने 123 संपत्तियों को गैर-अधिसूचित करके वक्फ बोर्ड को सौंप दिया था.
उन्होंने कहा कि यदि हमने आज यह संशोधन पेश नहीं किया होता, तो हम जिस संसद भवन में बैठे हैं, उस पर भी वक्फ संपत्ति होने का दावा किया जा सकता था. अगर पीएम मोदी सरकार सत्ता में नहीं आती, तो कई संपत्तियां गैर-अधिसूचित हो चुकी होतीं.
वक्फ संशोधन विधेयक पर 25 राज्यों से हुई चर्चा
केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री ने कहा कि मैं यह कहना चाहता हूं कि दोनों सदनों की संयुक्त समिति में वक्फ संशोधन विधेयक पर जो चर्चा हुई है, वह भारत के संसदीय इतिहास में आज तक कभी नहीं हुई. मैं संयुक्त समिति के सभी सदस्यों को धन्यवाद और बधाई देता हूं. अब तक विभिन्न समुदायों के राज्य धारकों के कुल 284 प्रतिनिधिमंडलों ने समिति के समक्ष अपने विचार और सुझाव प्रस्तुत किए हैं. 25 राज्य सरकारों और केंद्र शासित प्रदेशों के वक्फ बोर्डों ने भी अपनी प्रस्तुतियां प्रस्तुत की हैं.’
2006 में देश में 4.9 लाख थी वक्फ प्रॉपर्टी
उन्होंने आगे कहा कि देश में इतनी वक्फ प्रॉपर्टी है तो इसे बेकार में पड़ा नहीं रहने देंगे. गरीब मुसलमानों और बाकी मुसलमानों के लिए इसका इस्तेमाल किया ही जाना चाहिए. हमने रिकॉर्ड देखा है. सच्चर कमेटी ने भी इसका डिटेल में जिक्र किया है. 2006 में 4.9 लाख वक्फ प्रॉपर्टी थी. इनकी टोटल इनकम 163 करोड़ इनकम थी. 2013 में बदलाव करने के बाद जो इनकम बढ़कर 166 करोड़ हुई. 10 साल के बाद भी 3 करोड़ बढ़ी थी. हम इसे मंजूर नहीं कर सकते.