डायबीटीज, बीपी और माइग्रेन से मिलेगी राहत, नियमित रूप से करें ये योगाभ्यास

Health care: आज की तेज़ रफ्तार ज़िंदगी में माइग्रेन, हाई ब्लड प्रेशर (बीपी) और डायबिटीज़ जैसी बीमारियां आम होती जा रही हैं. दवाइयों से राहत तो मिलती है लेकिन लंबे समय तक इनके साइड इफेक्ट्स भी हो सकते हैं. ऐसे में लोग योग की ओर उम्मीद भरी नज़र से देखते हैं. सवाल यह है कि क्या योग वाकई इन बीमारियों में असरदार है?

इसमें कोई शक नहीं कि योग से ज्यादातर बीमारियों का इलाज हो सकता है. अगर आप नियमित रूप से योगाभ्यास करते हैं तो न सिर्फ आपका शरीर रोगमुक्त रहता है बल्कि अगर आपको पहले से कोई बीमारी है तो उसे भी ठीक करने में मदद मिल सकती है. 

माइग्रेन के लिए योग

माइग्रेन एक तरह का तेज़ सिरदर्द है जो तनाव, नींद की कमी और हार्मोनल बदलाव से बढ़ सकता है. योग माइग्रेन में इसलिए मदद करता है क्योंकि यह तनाव कम करता है और नर्वस सिस्टम को शांत करता है. कई रिसर्च में पाया गया है कि नियमित योग करने से माइग्रेन की आवृत्ति और दर्द की तीव्रता दोनों कम हो सकती हैं. योग से शरीर में स्ट्रेस हार्मोन “कॉर्टिसोल” कम होता है, जो माइग्रेन का बड़ा कारण माना जाता है.

अनुलोम-विलोम– नाड़ियों को संतुलन देता है
भ्रामरी प्राणायाम – माइग्रेन अटैक की तीव्रता घटाता है
शशांकासन – मस्तिष्क को गहरी शांति देता है
योगनिद्रा – क्रॉनिक माइग्रेन में बेहद असरदार

हाई BP में योग

हाई बीपी को “साइलेंट किलर” कहा जाता है क्योंकि इसके लक्षण अक्सर देर से दिखते हैं. योग बीपी कंट्रोल करने में एक सुरक्षित और प्राकृतिक तरीका माना जाता है. अध्ययनों के अनुसार रोज़ 30–45 मिनट योग और प्राणायाम करने से सिस्टोलिक और डायस्टोलिक बीपी में कमी देखी गई है. योग दिल की धड़कन को संतुलित करता है और रक्त वाहिकाओं को रिलैक्स करता है.

सुखासन और गहरी श्वास
ताड़ासन – रक्त संचार सुधारता है
वज्रासन – हार्ट और पाचन दोनों के लिए फायदेमंद
शवासन – BP कंट्रोल का सबसे सशक्त आसन

बीपी के मरीजों को शीर्षासन और अत्यधिक तेज़ योग बिना विशेषज्ञ की सलाह के नहीं करने चाहिए. 

डायबिटीज में योग 

डायबिटीज़ में शरीर इंसुलिन का सही उपयोग नहीं कर पाता. योग पैंक्रियाज़ को सक्रिय करता है और ब्लड शुगर लेवल कंट्रोल में मदद करता है. रिसर्च बताती है कि नियमित योग से फास्टिंग और पोस्ट-प्रांडियल ब्लड शुगर लेवल में सुधार होता है. साथ ही वजन और तनाव कम होने से डायबिटीज़ मैनेज करना आसान हो जाता है.

कपालभाति – मेटाबॉलिज्म तेज करता है
मंडूकासन – पैंक्रियास पर सीधा असर
अर्धमत्स्येन्द्रासन – ग्लूकोज़ लेवल बैलेंस करता है
सूर्य नमस्कार – संपूर्ण शरीर को एक्टिव करता है

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