Gujarat: गुजरात में सुरक्षा एजेंसियों ने एक बड़ी आतंकी साजिश का खुलासा किया है. गुजरात आतंकवाद निरोधक दस्ते (एटीएस) ने सोशल मीडिया के जरिये युवाओं को कट्टरपंथी बनाकर देश के खिलाफ युद्ध छेड़ने और ‘गजवा-ए-हिंद’ की स्थापना की साजिश रचने के आरोप में दो व्यक्तियों को गिरफ्तार किया है. इनके मोबाइल फोन में आपत्तिजनक सामग्री और चैट मिलीं, जिनसे पता चलता है कि दोनों मिलकर इस साजिश में सक्रिय रूप से शामिल थे.
गजवा-ए-हिंद की स्थापना था उद्देश्य
एटीएस की शुरुआती जांच में खुलासा हुआ है कि ये दोनों युवक भारत में “गज़वा-ए-हिंद” की स्थापना के उद्देश्य से एक संगठित आतंकी नेटवर्क तैयार करना चाहते थे. वे ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के माध्यम से अन्य लोगों को भी रेडिकलाइज करने और अपने साथ जोड़ने की कोशिशों में जुटे थे.
पकड़े गए संदिग्धों के मोबाइल फोन की जांच में कई चौंकाने वाले सबूत सामने आए हैं. अधिकारियों के अनुसार, इन दोनों का संपर्क पाकिस्तान और अफगानिस्तान में सक्रिय आईएसआईएस जैसे खतरनाक आतंकी संगठनों से बना हुआ था. वे लगातार सीमा पार बैठे हैंडलर्स के साथ बातचीत कर रहे थे.
गिरफ्तार आतंकियों की पहचान
गिरफ्तार किए गए आरोपियों की शैक्षिक पृष्ठभूमि काफी अलग है. पाटन जिले के सिद्धपुर निवासी इरफान कालेखान पठान 22 वर्षीय एमएससी (MSc) तक शिक्षित है, जबकि 21 वर्षीय मुर्शिद शेख केवल 9वीं कक्षा तक पढ़ा है. अलग-अलग शैक्षिक स्तर होने के बावजूद, दोनों ही इंटरनेट और सोशल मीडिया के जरिए कट्टरपंथी प्रभाव में आ गए थे.
काफिरों को निशाना बनाने की चर्चा
जांचकर्ताओं ने यह भी पाया कि आरोपी ने राजनीतिक नेताओं, आरएसएस से जुड़े व्यक्तियों और काफिरों को निशाना बनाने पर चर्चा की थी और व्यापक साजिश के तहत शरिया (इस्लामी कानून) लागू करने की योजना बना रहा था. इसके अलावा, पठान कथित तौर पर आतंकी संगठनों के संपर्क में था ताकि पाकिस्तान और अफगानिस्तान से हथियारों की तस्करी में मदद कर सके और पूरे भारत में नियोजित आतंकी गतिविधियों को अंजाम देने के लिए धन जुटा सके.
गिरफ्तारी और आगे की जांच
दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उन्हें 11 दिनों की एटीएस हिरासत में भेज दिया है. एटीएस ने बताया कि कथित आतंकी साजिश में शामिल अन्य व्यक्तियों की पहचान के लिए आगे की जांच जारी है.
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