Religion: हिंदू धर्म में इस एकादशी का विशेष महत्व माना जाता है। आज यानी शनिवार को देवशयनी एकादशी का व्रत रखा जा रहा है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, देवशयनी एकादशी के दिन से ही भगवान श्री हरि विष्णु 4 माह के लिए योग निद्रा में चले जाते हैं। इसी अवधि को चातुर्मास के नाम से जाना जाता है। चातुर्मास के दौरान कोई भी शुभ और मांगलिक कार्य नहीं किए जाते हैं। बता दे कि यह समय जगत के पालनहार नारायण की पूजा के लिए अति उत्तम माना जाता है। चातुर्मास 25 जुलाई देवशयनी एकादशी से लेकर देवउठनी एकादशी 20 नवंबर 2026 तक रहेगा। देवउठनी एकादशी के इस दिन भगवान विष्णु योगनिद्रा से जागते हैं और चातुर्मास समाप्त होता है।
देवशयनी एकादशी 2026 शुभ मुहूर्त
पंचांग के मुताबिक, आषाढ़ शुक्ल पक्ष की एकादशी का आरंभ 24 जुलाई को सुबह 9 बजकर 12 मिनट पर होगा। एकादशी तिथि का समापन 25 जुलाई को सुबह 11 बजकर 34 मिनट पर होगा। एकादशी पूजा के लिए अभिजित मुहूर्त दोपहर 12 बजकर 19 मिनट से दोपहर 1 बजकर 11 मिनट तक रहेगा। वहीं विजय मुहूर्त दोपहर 2 बजकर 56 मिनट से दोपहर 3 बजकर 48 मिनट तक रहेगा। देवशयनी एकादशी के दिन भगवान विष्णु जी के मंत्रों का जाप करने से शुभ फलों की प्राप्ति होती है।
भगवान विष्णु जी को अर्पित करें इन चीजों का भोग
भगवान विष्णु को पंजीरी अति प्रिय है तो आज एकादशी के दिन उन्हें धनिया या आटे की पंजीरी का भोग जरूर लगाएं। इसके साथ ही नारायण को पंचामृत का भोग अवश्य लगाएं। पंचामृत इन 5 चीजों से बनता है जो श्री हरि की पूजा में जरूर रखा जाता है। दूध, दही, घी, शहद व चीनी से पंचामृत बनाया जाता है। इसके अलावा विष्णु जी को पीला रंग बेहद प्रिय है। तो एकादशी की पूजा में पीला वस्त्र पहन कर बैठें। इसके साथ ही लक्ष्मीपति नारायण को पीले रंग की मिठाई जैसे- बेसन के लड्डू, केसरिया खीर या पीली बर्फी अर्पित कर सकते हैं।
देवशयनी एकादशी के दिन भगवान विष्णु को मौसमी फल का भोग जरुर लगाएं
देवशयनी एकादशी के दिन भगवान विष्णु को केला, आम, सेब, अनार जैसे ताजे और मौसमी फल का भोग लगाएं। केला, आम, या सेब जैसे ताजे फल अर्पित करना शुभ माना जाता है। विशेषकर केला श्री हरि का प्रिय फल है। एकादशी के दिन विष्णु जी को माखन-मिश्री का भोग लगाएं। माना जाता है कि श्री हरि को माखन-मिश्री अति प्रिय है। श्री हरि विष्णु को तुलसी बेहत प्रिय है। नारायण को कोई भी पूजा या भोग तुलसी के बिना पूरी नहीं मानी जाती है। तो विष्णु को तुलसी जरूर अर्पित करें साथ ही भोग में तुलसी पत्ता रखें।