Alcohol Risk: अक्सर लोग ऐसा ही सोचते हैं कि कभी-कभार ज्यादा शराब पी लेना कोई बड़ी बात नहीं है. खासकर तब, जब वे पूरे हफ्ते बहुत कम या बिल्कुल नहीं पीते. लेकिन अब एक नई स्टडी इस धारणा को चुनौती दे रही है और बता रही है कि ऐसी आदतें लिवर के लिए खतरनाक साबित हो सकती हैं. अमेरिका के केक मेडिसिन और निवर्सिटी ऑफ साउथ कैलिफोर्निया के रिसर्चर के तरफ से की गई यह स्टडी प्रतिष्ठित जर्नल क्लिनिकल गैस्ट्रोएंटरोलॉजी और हेपेटोलॉजी में पब्लिश हुई है. इसमें सामने आया है कि कभी-कभार भी ज्यादा मात्रा में शराब पीना लिवर डैमेज के खतरे को काफी बढ़ा सकता है.
स्टडी में क्या सामने आया?
यह रिसर्च जर्नल क्लिनिकल गैस्ट्रोएंटरोलॉजी और हेपेटोलॉजी में प्रकाशित हुई. इसमें 8,000 से ज्यादा लोगों के डेटा का विश्लेषण किया गया, जिन लोगों को MASLD (पहले NAFLD) था, उनमें जोखिम ज्यादा पाया गया, जो लोग हफ्ते में एक बार ज्यादा शराब पीते थे, उनमें लिवर फाइब्रोसिस का खतरा 3 गुना ज्यादा था. यह खतरा सिर्फ कितनी शराब पी इस पर नहीं, बल्कि कैसे पी इस पर ज्यादा निर्भर करता है.
MASLD क्या है और क्यों बढ़ाता है खतरा?
MASLD (मेटाबॉलिक फैटी लिवर) में लिवर में फैट जमा हो जाता है यहां तक की बिना शराब के भी. अगर इस स्थिति में आप ज्यादा शराब पीते हैं, तो लिवर पहले से कमजोर होता है, सूजन तेजी से बढ़ती है और नुकसान दोगुना हो जाता है. मोटापा, डायबिटीज और हाई कोलेस्ट्रॉल वाले लोगों में यह खतरा और ज्यादा बढ़ जाता है.
ज्यादा शराब पीने से नुकसान क्यों तेज होता है?
जब एक बार में ज्यादा शराब जाती है तब लिवर को एक साथ ज्यादा टॉक्सिन्स प्रोसेस करने पड़ते हैं, ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस बढ़ता है और रिकवरी का समय नहीं मिलता. यानी कभी-कभार ज्यादा पीना भी लिवर को उतना ही नुकसान दे सकता है जितना रोजाना पीना.
अपने लिवर को कैसे बचाएं?
बिंज ड्रिंकिंग से बचें: महीने में एक बार भी ज्यादा न पिएं. अगर संभव हो तो शराब पूरी तरह छोड़ दें
बैलेंस डाइट लें: फल, सब्जियां, साबुत अनाज. तले-भुने और ज्यादा फैट वाले खाने से दूरी रखें.
एक्सरसाइज: हफ्ते में कम से कम 150 मिनट एक्सरसाइज करें. वजन, शुगर और कोलेस्ट्रॉल कंट्रोल में रखें.
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