Sikkim: भगवान भोलेनाथ के पवित्र धाम कैलाश मानसरोवर की कठिन व आध्यात्मिक यात्रा के लिए इस वर्ष का पहला जत्था सिक्किम की राजधानी गंगटोक पहुंचा। भारत-चीन सीमा पर स्थित ऐतिहासिक नाथुला दर्रे के रास्ते आयोजित हो रही इस पवित्र यात्रा में शामिल 44 श्रद्धालु उत्साह और भक्ति से भरे हैं।
बता दे कि श्रद्धालुओं में 32 पुरुष और 12 महिलाएं शामिल हैं, जिनकी आयु 18 से 70 वर्ष के बीच है। यात्रा दल के साथ दो लाइन आफिसर और एक चिकित्सक भी मौजूद हैं। ये पूरे मार्ग में उनकी देखभाल और सुरक्षा करेंगे।
सभी श्रद्धालु दिल्ली से बंगाल के बागडोगरा हवाई अड्डे से राजधानी गंगटोक आए हैं। उन्हें 16 जून को नाथुला मार्ग की ओर रवाना किया जाएगा। कस्टम, पासपोर्ट और सीमा संबंधी औपचारिकताएं पूरी होने के बाद 20 जून को पहला जत्था नाथुला दर्रे से होकर तिब्बत स्वायत्त क्षेत्र में प्रवेश करेगा।
नाथुला मार्ग से कैलाश मानसरोवर यात्रा का आयोजन वर्ष 2015 में शुरू हुआ था, लेकिन डोकलाम क्षेत्र में तनावपूर्ण परिस्थितियों की वजह से इसे कुछ वर्षों के लिए स्थगित करना पड़ा। वर्ष 2025 में इस यात्रा को पुनः संचालीत किया गया।