Delhi: दिल्ली-एनसीआर में सोमवार की सुबह अचानक धरती हिलने से लोग घबरा गए. जहां लोगों ने भूकंप के हल्के झटके महसूस किए. कई इलाकों में लोग घरों और दफ्तरों से बाहर निकल आए. हालांकि भूकंप का केंद्र दिल्ली जरूर था, लेकिन भूकंप का झटका बेहद हल्का था. ऐसे में जान-माल के नुकसान की कोई खबर नहीं है. भूकंप के बाद दिल्ली-एनसीआर में हालात सामान्य हैं. विशेषज्ञों के अनुसार, 2.8 तीव्रता के भूकंप से किसी तरह के नुकसान की आशंका नहीं होती है.
कितनी थी भूकंप की तीव्रता?
नेशनल सेंटर फोर सिस्मोलॉजी की ओर से दी गई जानकारी के मुताबिक, रिक्टर पैमाने पर भूकंप की तीव्रता 2.8 मापी गई है. भूकंप का केंद्र उत्तर दिल्ली में दर्ज किया गया है. सुबह 8:44 बजे भूकंप का झटका दर्ज किया गया और भूकंप का केंद्र जमीन की सतह के काफी पास रहा. दिल्ली में आए भूकंप का केंद्र जमीन से महज 5 किलोमीटर नीचे था. दिल्ली भूकंप के लिहाज से संवेदनशील है और उच्च जोखिम वाले सिस्मिक जोन 4 में आता है.
क्या होता है भूकंप आने का कारण?
दरअसल, हमारी पृथ्वी में 7 टेक्टोनिक प्लेटें होती हैं. ये टेक्टोनिक प्लेट्स अपने-अपने क्षेत्र में घूमते रहते हैं. हालांकि, घूमने के दौरान ये टेक्टोनिक प्लेटें कई बार एक फॉल्ट लाइन पर टकराती हैं. अब इनके टकराने के कारण घर्षण पैदा होता जिससे ऊर्जा निकलती है. ये ऊर्जा बाहर निकलने का रास्ता खोजती हैं. इसी कारण धरती पर भूकंप की घटनाएं देखने को मिलती रहती हैं.
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