Odisha: ओडिशा सरकार ने राज्य को तंबाकू मुक्त बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया है. 22 जनवरी 2026 से राज्य भर में गुटखा, पान मसाला, बीड़ी, सिगरेट, खैनी और जर्दा समेत सभी प्रकार के तंबाकू उत्पादों के उत्पादन, भंडारण, वितरण और बिक्री पर पूरी तरह से रोक लगा दी गई है. राज्य के स्वास्थ्य विभाग ने अधिसूचना जारी कर के नए नियमों को लागू किया है.
2 प्रतिशत आबादी धुआंरहित तंबाकू का सेवन
वैश्विक वयस्क तंबाकू सर्वेक्षण के दूसरे चरण में यह सामने आया था कि ओडिशा की 42 प्रतिशत आबादी धुआंरहित तंबाकू का सेवन करती है, जो कि राष्ट्रीय औसत से लगभग दोगुना है. इसी तरह खाद्य सुरक्षा और मानक (निषेध और बिक्री प्रतिबंध) नियम, 2011 के तहत तंबाकू और निकोटिनयुक्त उत्पादों के उपयोग पर रोक लगाई गई है.
इन सभी तथ्यों को ध्यान में रखते हुए राज्य सरकार ने वर्ष 2013 में तंबाकू और निकोटिनयुक्त उत्पादों की बिक्री पर प्रतिबंध लगाया था. लेकिन बाद में यह देखा गया कि गुटखा कंपनियां एक पैकेट में तंबाकू और दूसरे पैकेट में चबाने वाले पदार्थ बेच रही थीं, जिससे लोग दोनों को मिलाकर पहले की तरह सेवन कर रहे थे. इस तरह तंबाकू और निकोटिनयुक्त कई उत्पाद अलग-अलग नामों से बाजार में उपलब्ध हो रहे थे.
तंबाकू वाले बैन प्रोडक्ट्स की लिस्ट क्या है?
- गुटखा, पान मसाला, जर्दा, खैनी.
- सभी तरह के फ्लेवर्ड, सेंटेड या एडिटिव्स मिले चबाने वाले प्रोडक्ट्स.
- पैकेज्ड या अनपैकेज्ड दोनों तरह के तंबाकू प्रोडक्ट्स.
- अलग-अलग पैकेट में बेचे जाने वाले प्रोडक्ट्स जो मिलाकर इस्तेमाल किए जाते हैं.
- कोई भी फूड प्रोडक्ट जिसमें तंबाकू या निकोटीन मिला हो, चाहे कोई भी नाम हो.
यह बैन सभी ओरल (मुंह से इस्तेमाल होने वाले) तंबाकू प्रोडक्ट्स पर लागू है. चाहे वे किसी भी रूप में बनाए, बेचे, स्टॉक किए या इस्तेमाल किए जा रहे हों.
तंबाकू मुक्त ओडिशा बनाने का संकल्प
यह फैसला सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों और फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया (FSSAI) के नियमों के अनुसार लिया गया है. हेल्थ एंड फैमिली वेलफेयर डिपार्टमेंट ने प्रतिबंधों का नोटिफिकेशन जारी किया है. एक अधिकारी ने कहा, ‘यह बैन सभी ओरल तंबाकू प्रोडक्ट्स को कवर करता है और सुप्रीम कोर्ट के फैसलों से मजबूत है, जिससे कानूनी रूप से और सख्ती आएगी.’
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