इस पक्षी के घोसले में होते हैं अलग-अलग कमरे, कहलाता है बेस्ट आर्किटेक्ट

Baya bird’s Nest : परिंदों की दुनिया में बया एक ऐसा नाम है, जिसके आगे बड़े-बड़े इंजीनियरों की तकनीक भी फीकी पड़ जाती है. जब हम अपने घरों को ठंडा रखने के लिए भारी-भरकम एसी और हीटर का इस्तेमाल करते हैं, तब यह नन्हा सा पक्षी घास के चंद तिनकों से ऐसा स्मार्ट होम तैयार करता है जो हर मौसम में खुद को ढाल लेता है. इसकी बुनावट और संरचना इतनी सटीक होती है कि इसे पक्षी जगत का ‘बेस्ट आर्किटेक्ट’ कहा जाता है.

बता दें कि बया पक्षी का घोंसला केवल रहने की जगह नहीं, बल्कि इंजीनियरिंग का एक अद्भुत चमत्कार है. इसे घास के गीले और सूखे तिनकों को आपस में गूंथकर बनाया जाता है. इस पक्षी की चोंच किसी सुई की तरह काम करती है, जो तिनकों को इतनी मजबूती से बुनती है कि तेज आंधी और बारिश भी इस घोंसले का कुछ नहीं बिगाड़ पाती है. इसकी खास लटकती हुई बनावट इसे दुनिया के बाकी पक्षियों के घोंसलों से बिल्कुल अलग और ज्यादा सुरक्षित बनाती है. इस घोंसले की सबसे बड़ी खासियत इसका नेचुरल एयर कंडीशनिंग सिस्टम है.

बया पक्षी अपनी बुद्धिमानी से घोंसले की दीवारें इस तरह बुनता है कि हवा का बहाव निरंतर बना रहे. घास की खास परतों और बनावट की वजह से बाहर चाहे कितनी भी भीषण गर्मी हो, घोंसले के अंदर का तापमान काफी कम और सुखद रहता है. वहीं, कड़ाके की सर्दियों में यही घास गर्मी को अंदर कैद कर लेती है, जिससे पक्षी के बच्चों को कड़कड़ाती ठंड से सुरक्षा मिलती है. हैरानी की बात यह है कि एक छोटे से घोंसले के भीतर बया पक्षी ने अलग-अलग काम के लिए अलग कमरे यानी चैम्बर्स बनाए होते हैं. बया पक्षी अपने परिवार की सुरक्षा को लेकर बहुत ज्यादा सतर्क रहती है.  

इस घोंसले के निर्माण में केवल घास ही नहीं, बल्कि मिट्टी का भी बड़ा योगदान होता है. बया पक्षी घोंसले के अंदरूनी हिस्सों में गीली मिट्टी का लेप लगाता है. वैज्ञानिक मानते हैं कि यह मिट्टी घोंसले को भारी बनाती है ताकि वह तेज हवा में ज्यादा न झूले. साथ ही, यह मिट्टी घोंसले के भीतर तापमान को स्थिर रखने में भी मदद करती है. एक पूरे घोंसले को तैयार करने में नर बया पक्षी को सैकड़ों बार उड़ान भरनी पड़ती है और हजारों तिनके जुटाने पड़ते हैं. यह पूरी प्रक्रिया मानसून के आसपास शुरू होती है. दिलचस्प बात यह है कि मादा बया उसी नर को अपना साथी चुनती है जिसका घोंसला सबसे सुंदर और मजबूत होता है.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *