Hyderabad\ Telangana: एयर फोर्स अकादमी हैदराबाद में आयोजित संयुक्त स्नातक परेड में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि सशस्त्र बलों में भर्ती होने वाले नए सैनिकों को आधुनिक संघर्ष को बदलते स्वरुप के लिए मानसिक रूप से तैयार रहना चाहिए।
क्यों की बड़ी शक्तियों को भी अब युद्ध क्षेत्र में पहले जैसी निर्णायक बढ़त हासिल नहीं है, क्योंकि अब तुलनात्मक रूप से छोटी ताकतें भी अपने खतरनाक हथियारों और नई रणनीतियों का इस्तेमाल कर भारी नुकसान पहुंचा सकती हैं। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने वायु सेना स्नातक परेड को संबोधित करते हुए यह भी कहा कि उभरती प्रौद्योगिकियों ने युद्ध की परिभाषा को बदल दी है।
उन्होंने कहा की पहले सैनिकों को उपकरण साफ तौर पर दिखाई देते थे लेकिन अब आधुनिक युद्ध में कई प्रणालियां जैसे रडार, सेटेलाइट, ड्रोन, सेंसर और रोबोटिक्स को इस्तेमाल किया जा रहा है। अब ऐसे परिदृश्य भी देखे जा रहे हैं जिनमें दुश्मन के ट्रैफिक सिस्टम और सीसीटीवी को भी कंट्रोल कर लिया जा रहा है।”
इस लिए नए कमीशन लेने वाले अधिकारियों को आधुनिक युद्ध और रणनीतियों को समझना और अपनाना होगा। उन्होंने मेहनत के साथ-साथ स्मार्ट वर्क के महत्व पर जोर देते हुए कहा कि स्मार्ट राष्ट्र आधुनिक तकनीकी परिदृश्य में अपने लिए स्थान बना रहे हैं।
उन्होंने यह भी कहा कि भारतीय वायु सेना करोड़ों भारतीयों के लिए प्रेरणा का स्रोत है और उन्होंने अंतरिक्ष यात्री शुभांशु शुक्ला का उदाहरण देते हुए अधिकारियों से बल की समृद्ध विरासत को बनाए रखने का आग्रह किया।
उन्होंने भारतीय वायु सेना में शामिल होने वाली महिला पायलटों को बधाई देते हुए कहा कि उनकी भागीदारी से वायु सेना और अधिक शक्तिशाली, संतुलित तथा मजबूत हुई है तथा यह समावेशी बल की ताकत को दर्शाता है।
उन्होंने अत्यंत जोखिम भरे बचाव अभियानों में भारतीय वायु सेना की सफलता और संकट के समय विदेशी नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने में उसकी भूमिका को भी रेखांकित किया।