मध्य प्रदेश में अनुकंपा नियुक्ति के बदलेंगे नियम, होंगे ये बड़े बदलाव

MP News: मध्य प्रदेश सरकार ने अनुकंपा नियुक्ति के नियमों को बदलने का फैसला लिया है. अब नए नियम ज्यादा सरल और कर्मचारी-अधिकारियों के पक्ष में होंगे. जीएडी ने इसकी तैयारी कर ली है. वित्त विभाग से सहमति भी ले ली गई है. जल्द ही इसे कैबिनेट में लाया जाएगा. नए नियम लागू होते हैं तो बिना किसी गंभीर कारण के कोई विभाग अनुकंपा नौकरी से किसी को नहीं हटा पाएगा.

डिमोशन से बचेंगे अनुकंपा नियुक्ति के कर्मचारी

नए नियमों के  अनुसार अब अनुकंपा नियुक्ति के कर्मचारियों को डिमोशन से भी बचाया जाएगा. दरअसल अभी तक ऐसा प्रस्ताव दिया जा रहा था कि तृतीय श्रेणी में बाबू, लिपिक या अन्य पद पर अनुकंपा नौकरी पाने वाला सीपीसीटी पास नहीं करता है तो उसे तीन साल का वक्त पूरा होने के बाद चपरासी के ग्रेड (चतुर्थ श्रेणी) में नियमित किया जाए. हालांकि अभी तक इस प्रस्ताव को पास नहीं किया गया है और इस नियम के तहत कर्मचारियों के फायदा मिलने वाला है. अब प्रदेश में अनुकंपा नियुक्ति को लेकर नए नियम बनाए गए हैं जिन्हें जल्द ही लागू कर दिया जाएगा और नए नियमों के हिसाब से ही अब नुयुक्तियां की जाएगीं.

ये होंगे बड़े बदलाव

  • भरण-पोषण: माता-पिता के बदले अनुकंपा नियुक्ति के जरिए नौकरी लेने वाले बेटे या अन्य ने नौकरी मिलने के बाद परिवार को छोड़ा या भरण-पोषण से मना किया तो उसे सेवा या नौकरी से हटा दिया जाएगा.
  • लापता : कर्मचारी-अधिकारी यदि लापता या गुमशुदा हो जाए. 7 साल तक न आए तो मान लिया जाता था कि वह नहीं रहा. परिवार के व्यक्ति को अनुकंपा नौकरी दे दी जाती थी. अब 7 साल बाद भी पता चलने पर अनुकंपा नियुक्ति रद्द हो जाएगी.
  • सीपीसीटी :अनुकंपा नियुक्ति वालों के लिए सीपीसीटी पास करना अनिवार्य है. इसके लिए 3 से 4 वर्ष का वक्त मिलता है. यदि पास नहीं किया तो अनुकंपा नियुक्ति रद्द कर दी जाती है.

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